पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बाइक चलाते समय हेलमेट न लगाने से हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। अमूमन देखा जाता है कि लोग हेलमेट तभी लगाना पसंद करते हैं, जब उन्हें बाइक से लंबी दूरी की यात्रा करनी होती है। बाइक पर पीछे बैठा व्यक्ति तो हेलमेट लगाता ही नहीं है।
एसपी ने पिछले दिनों इसके लिए अभियान चलाया था, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ा। पिछले वर्ष सड़क दुघर्टनाओं में लगभग तीन सौ मौतें हुई थीं। इनमें 50 लोगों की मौत हेलमेट न लगाने के चलते हुई है। यानी अगर ये लोग हेलमेट लगाए होते तो उनकी जान बच सकती थी।
आरटीओ दफ्तर में लगभग 30 हजार दो पहिया वाहनों का पंजीकरण है। वर्तमान में स्थिति यह है कि लोगों को थोड़ी ही दूर जाना हो तो भी बाइक से ही जाना पसंद करते हैं। अक्सर लोग हेलमेट लगाने को तवज्जो नहीं देते। अमूमन लंबी दूरी का सफर करने वाले ही हेलमेट लगाने को प्राथमिकता देते हैं।
आम तौर पर जो लोग थोड़ी दूरी का सफर करते हैं वे हेलमेट नहीं लगाते हैं। ऐसे लोगों को यातायात पुलिस भी नहीं टोकती है। पिछले दिनों एसपी की अगुवाई में पुलिस ने बिना हेलमेट के बाइक चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया था।
इसमें हेलमेट न लगाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया गया था या तुरंत हेलमेट खरीदने के लिए कहा गया था। इस अभियान का भी शहर में कोई खास असर नहीं पड़ा। हेलमेट नहीं पहनने से दुघर्टनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ रही है।