जिगना थाना क्षेत्र के बरबटा गांव में दहेज प्रताड़ना पर विवाहिता द्वारा फांसी लगाकर जाने दे दिए जाने के मामले की सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लाल बाबू यादव ने पति, देवर व ससुर को सात वर्ष की कैद और छह-छह हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
प्रयागराज जिले के मेेजा थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी हीरामणि गुप्ता ने अपनी पुत्री रानी गुप्ता का विवाह 28 मई 2013 को किया था। 27 नवंबर 2015 को जिगना थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही दहेज की बात को लेकर दामाद मंगला प्रसाद, देवर शिव मंगल प्रसाद, ससुर बसंत लाल प्रताड़ित करते थे। 26 नवंबर 2015 को प्रताड़ना से पुत्री रानी गुप्ता ने फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई। तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरूकी। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। एडीजीसी राजेश कुमार यादव ने 10 गवाहों को प्रस्तुत किया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लाल बाबू यादव ने अधिवक्ता की दलील, गवाहों की गवाही और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के बाद दोष सिद्ध होने पर आरोपी पति मंगला प्रसाद, ससुर बसंत लाल और देवर शिव मंगला को विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई। इसमें सात वर्ष की कैद और छह हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।