कटरा कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में बालिका के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले आरोपित गिरफ्तार हो चुके है, पर घटना को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपितों को फांसी दिए जाने की मांग किया।
समाजवादी पार्टीग् के पूर्व प्रदेश सचिव व पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कुंवर प्रमोद चंद्र मौर्या ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना प्रकट किया। कहाकि भाजपा सरकार में बालिकाएं सुरक्षित नहीं है। अगर पीड़ितों को फांसी की सजा और परिजनों को 50 लाख का मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर धर्मेंद्र मौर्या, दीपक मौर्या, अशोक कुमार मौर्या, विजय गुप्त मौर्या, लवकुश प्रजापति, जीवन दास मौर्या, इंद्रजीत मौर्या, राजेंद्र प्रसाद मौर्या, कृपाशंकर मौर्या, गणेश प्रसाद, सुरेश कुमार मौर्या आदि रहे। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डा. विनोद सम्राट मौर्या के नेतृत्व में लोगों ने आरोपितों को फांसी और पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। इस दौरान अमेरिकन बिंद, डा. एसलाल बिंद, चंद्रशेखर निषाद, सचिन निषाद, सूर्यबली मौर्या, देवेंद्र मौर्या, राकेश कुमार मौर्या, दीपक निषाद आदि रहे। शाम को महिलाओं व अन्य ने कैंडिल मार्च निकाला। जो पीलीकोठी से चलकर पीड़िता के घर तक गया। इस दौरान हरिओम मौर्य, धर्मेंद्र मौर्य, केसी मौर्य, उमाशंकर मौर्य, दीपा मौर्य, शिवकुमार गुप्ता, सहदेव मौर्य ,ओमप्रकाश पटेल, विनोद मौर्य, सूरज मौर्य, लवकुश मौर्य आदि रहे।
निर्भया केस की अधिवक्ता निकालेंगी कैंडिल मार्च
कटरा कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में बालिका के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में बृहस्पतिवार को कैंडिल मार्च निकला जाएगा। कैंडिल मार्च दिल्ली की निर्भया का केस लड़ने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा के नेतृत्व में निकाला जाएगा। आनंद सिंह ने बताया कि निर्भया की केस लड़ने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा का अगमन 30 दिसंबर को होगा। वह गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में पीड़ित परिजनों से मुलाकात करेंगी। सीमा समृद्धि कुशवाहा निर्भया कांड के सभी गुनाहगारों को सजा दिलाने के बाद सुर्खियों में आईं थी। वह गरीब व पीड़ित परिवार के मामलों में नि:शुल्क केस लड़ती हैं। वह मिर्जापुर की पीड़िता क भी केस लड़ सकती है।