विंध्याचल मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब।
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दर्शन पूजन कर लिया मां का आशीर्वाद, सुख समृद्धि की कामना की
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जगत जननी मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। भक्तजन नारियल-चुनरी, माला-फूल लेकर विंध्यधाम पहुंचे, जहां मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन पाकर निहाल हो उठे।
घंटा, घड़ियाल, शंख एवं माता के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर पूरे दिन गुंजायमान रहा। सोमवार को विंध्यधाम पहुंचे हजाराें की संख्या में नर-नारियाें ने माता के दरबार में श्रद्धाभाव से दर्शन-पूजन कर सुख व समृद्धि की कामना की। विंध्याचल मंदिर में आरती-पूजन के समय कपाट बंद होने से श्रद्धालु कतार में बैठकर उसके खुलने का इंतजार करते रहे।
झांकी दर्शन के लिए अलग तथा गर्भगृह में जाकर दर्शन करने के लिए अलग-अलग लाइन में श्रद्धालु खड़े थे। इस दौरान विंध्यधाम की कोतवाली गली, न्यू वीआईपी गली व पुरानी वीआईपी गली में चारों तरफ भक्तजन ही नजर आ रहे थे।
मां का दर्शन-पूजन करने के बाद भक्ताें ने धाम परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओ के मंदिर में पूजन-अर्चन किया। मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में पहुंचे हजाराें भक्ताें ने हवन-कुंड की परिक्रमा कर पुण्य लाभ कमाया। मंदिर की आकर्षक फूल-पत्तियों के साथ ही बिजली के झालराें से की गई सजावट एक अद्भुत छटा बिखेर रही थी।
मंदिर की छत पर शिखर का परिक्रमा करते रहे, दर्शन पूजन का दौर देर रात तक चलता रहा। मां विंध्यवासिनी देवी का विधिवत दर्शन-पूजन करने के बाद भक्ताें ने विंध्याचल की गलियाें में सजी दुकानों ने अपनी-अपनी जरुरताें की वस्तुओं की भी जमकर खरीदारी किया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई इस दौरान पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी मंत्री भानु पाठक मंदिर सुरक्षा प्रभारी राजेश कुमार मिश्रा सहित पीएसी के जवान तैनात रहें।