मिर्जापुर। जनपद में गंगा के जलस्तर में घटाव जारी है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फसल सड़ने से आ रही दुर्गंध से ग्रामीण परेशान हैं। प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक दवाओं का छिड़काव शुरू नहीं कराया गया है। इससे अब प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
मंगलवार की दोपहर बाद से आधा सेंटीमीटर की रफ्तार से गंगा में घटाव का क्रम शुरू हुआ। बुधवार की शाम चार बजे तक पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा में पानी कम हो रहा था।
शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 78.030 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि खतरे के निशान से 30.60 सेंटीमीटर पानी अभी भी ऊपर है।
लंच पैकेट में बढ़ाए पूड़ी की संख्या मंडलायुक्त : मिर्जापुर। मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी, पुलिस महानिरीक्षक आरपी सिंह, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बुधवार को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र चुनार के बेला गांव में पहुंचकर राहत कार्यों का निरीक्षण किए। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने बेला गांव से बगही की तरफ जाने वाले मार्ग में भरे पानी के उस पार बगही सहित 12 ग्राम सभाओं में प्रभावित ऐसे लोगों को जो अपने घरो में हैं उनको दी जा रही राहत सामग्री के बारे में पूछा। उन्होंने नाव पर रखे लंच पैकेट की गुणवत्ता को देखा।
सात पूड़ी, सब्जी, मिठाई देखकर पूड़ी की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। नष्ट फसलों के संबंध में बीमा कंपनियों से तत्काल समन्वय स्थापित कर किसानों की फसल क्षति का मुआवजा दिलवाने को कहा।
पुलिस महानिरीकक्ष आरपी सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में गश्त व निगरानी बढ़ाएं, ताकि राहत कार्यों में कोई व्यवधान न आए। जिलाधिकारी पवन गंगवार ने मंडलायुक्त को राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी।
अपर जिलाधिकारी अजय कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी अविनाश कुमार, क्षेत्राधिकारी मंजरी राव, विधायक चुनार के प्रतिनिधि आलोक सिंह, तहसीलदार चुनार सहित अन्य राजस्वकर्मी उपस्थित रहे।