विंध्य कॉरीडोर का भवन बनकर तैयार होने के बावजूद अभी तक सुविधाएं शुरू नहीं हो सकी थीं कि फॉल सीलिंग के गिरने से सवाल खड़े होने लगे हैं। इसके साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। अधिकारी मामले पर ध्यान देने की बात कह रहे हैं।
विंध्य कॉरिडोर के भवन आदि बनकर तैयार होने के बावजूद अभी तक कई सुविधाएं शुरू भी नहीं हो पाई हैं कि परिक्रमा पथ में लगी फॉल सीलिंग गिरने लगी है। कहीं फर्श पर उसके टुकड़े तो छत पर कई स्थान पर खाली नजर आ रहे हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। इससे दर्शनार्थियों के घायल होने का खतरा भी बना हुआ है।
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विंध्याचल मंदिर को भव्य रूप देने साथ ही सुविधा संपन्न बनाने के लिए विंध्य कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। प्रथम फेज का काम पूरा हो चुका है। करीब 331 करोड़ की लागत से परिक्रमा पथ, परकोटा, चार प्रमुख मार्गों पर प्रवेश द्वार, इंट्रेंस प्लाजा आदि के निर्माण हो चुके हैं।
परिक्रमा पथ पर बने भवन के प्रथम तल को खूबसूरत बनाने के लिए भव्य फॉल सीलिंग लगाई गई है। अब स्थिति यह है कि कई जगह फॉल सीलिंग का हिस्सा गिर गया है। मुंडन व यज्ञोपवीत स्थल, ब्राह्मण एवं अन्य भक्तों के लिए बने आराधना स्थल की फॉल सीलिंग का बड़ा हिस्सा गिर चुका है। लिफ्ट के पास भी इसी तरह का दृश्य है।