मिर्जापुर। जिले के हलिया व पहाड़ी विकास खंड के ग्रामीणों के लिए खुशखबरी है। इस विकास खंड के गलरा व महुवारी ग्राम सभा में प्रदेश सरकार बायोगैस प्लांट लगाने जा रही है। इससे एक ओर ग्रामीणों को रोशनी के लिए बल्ब जलाने की बिजली मिलेगी तो दूसरी ओर खाद भी इन प्लांटों से उपलब्ध होगी।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के ओडीएफ प्लस के तहत प्रदेश सरकार ने बायोगैस प्लांट लगाने की योजना की स्वीकृति दी है। इसके तहत उन जगहों के पशु आश्रय स्थलों को चिह्नित किया गया है जहां पर दो सौ से अधिक पशु मौजूद हैं। इन जगहों पर 45 क्यूबिक फीट के क्षेत्र में बायोगैस प्लांट लगाया जाएगा। ऐसी स्थित हलिया विकास खंड के गलरा व पहाड़ी विकास खंड के महुवारी ग्राम सभा की है। वहां के पशु आश्रय स्थल में दो सौ से अधिक पशु हैं। इनके गोबर व मूत्र से तकरीबन सौ से सवा सौ घरों को बिजली मिल सकेगी। साथ ही अपशिष्ट से खाद बनेगी। दोनों प्लांट की लागत तकरीबन 50 लाख रुपये होगी। विभाग का कहना है कि इससे दो लाभ होंगे। एक तो पशुओं के गोबर का सदुपयोग होगा, दूसरे ग्रामीणों को खाद व बिजली मिलेगी। इसके लिए तकरीबन नौ से दस क्विंटल गोबर की आवश्यकता होगी जो कि पशु आश्रय स्थलों से प्राप्त हो सकेगा।
पायलट प्रोजेक्ट के लिए जारी हुई पहली किस्त
मिर्जापुर। इस परियोजना के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 13 लाख तीन हजार रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। कार्यदायी संस्था जलनिगम को यह प्लांट लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। जिला पंचायती राज विभाग का कहना है कि प्लांट शुरू हो जाने पर ग्राम सभा इसके संचालन के लिए लाभार्थी ग्रामीणों से कुछ शुल्क ले सकती है। माना जा रहा है कि इस योजना से पशु पालक व किसानों को काफी लाभ हो सकता है। विभाग का कहना है कि यदि यह योजना सफल रहती है तो अन्य विकास खंडों में भी यह प्लांट लगाया जा सकता है।
इस मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि बायोगैस प्लांट के लिए पहली किस्त जारी कर दी गई है। संभवत: दीपावली के पूर्व ही काम शुरू हो जाएगा। इससे आसपास के लोगों को काफी लाभ मिलेेगा।