वीडियो मामले में बच्ची के परिजनों का आरोप है कि तबीयत खराब होने पर वह बेटी को लेकर अस्पताल गए थे। जांच के नाम पर चिकित्सक ने बेटी को केबिन में बुलाया। लेकिन गंदी हरकत की। इसकी जानकारी नाबालिग ने परिजनों को दी थी, जिसके बाद परिजनों का चिकित्सक से विवाद भी हुआ था। लेकिन बदनामी के भय से वे पुलिस के पास नहीं गए।
इस बीच किसी ने वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जब मामला डीआईजी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए पहले परिजनों का पता लगाने को कहा। बातचीत के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। चिकित्सक डॉ. एसके चौहान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
डीआईजी आरके भारद्वाज ने एसपी डॉ. अनिल कुमार को कहा है कि जिस मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल किया गया है उस मोबाइल को बरामद कराएं। वीडियो जिन लोगों को भेजा गया है उन सभी से वीडियो को डिलीट कराएं।
बच्चों के प्रति होने वाले लैंगिक अपराध के लिए सेमिनार का आयोजन कराया जाएगा। डीआईजी ने ऐसे मामलों की संवेदनशीलता, गंभीरता, जागरूकता के लिए सेमिनार आयोजित करने को भी कहा है जिससे विवेचकों को उचित मार्गदर्शन मिल सके।
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