मिर्जापुर जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने रविवार को निर्माणाधीन मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी के पैर का धक्का दीवार बर्दाश्त नहीं कर पाई तो उनके हथौड़ी चलाने पर गुणवत्ता की पोल खुल गई। निर्माण की गुणवत्ता खराब मिलने पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता को चेतावनी दी। कहा कि आगे से गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि वे सीमेंट व ईंट की गुणवत्ता की जांच कराएं।
जिलाधिकारी ने रविवार को मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह व अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एव अधिशासी अभियंता आरईएस के साथ निर्माणाधीन मेडिकल कालेज का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कालेज के अंदर एक दिन पूर्व जोड़ी गई दीवार की गुणवत्ता देखी तथा पैर से धक्का मारा तो तीन-चार ईंटें गिर गईं तथा एक ईंट दो टुकड़े हो गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें सीमेंट काफी कम है। जिलाधिकारी ने मेडिकल कालेज के प्रथम तल, द्वितीय तथा तृतीय तल का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर हथौड़ी से दीवारें ठोंक कर देखी। गुणवत्ता ठीक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सहायक अभियंता राजकीय निर्माण निगम को कड़ी फटकार लगाते हुए निलंबन की चेतावनी दी।
उन्होंने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कन्हैया झा और अधिशासी अभियंता आरईएस बाबूराम साह को निर्देशित किया कि सीमेंट व ईट की गुणवत्ता की जांच लोक निर्माण विभाग के लैब से कराकर रिपोर्ट दी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों की संख्या बढ़ा कर कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि जुलाई से पढ़ाई का कार्य प्रारंभ किया जा सके। खिड़कियों में प्रयोग की जा रही एल्युमीनियम की भी जांच की गई जो कहीं कहीं कमजोर पाई गई। इसे बदल कर अच्छी सामग्री लगाने का निर्देश दिया गया।