पौष माह की चतुर्थी पर विंध्यधाम में उमड़े श्रद्धाल विंध्याचल। पौष माह की चतुर्थी तिथि पर रविवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तजन विंध्यधाम में नारियल-चुनरी, माला-फूल लेकर विंध्यधाम पहुंचे थे।
घंटा, शंख, नगाड़े के बीच माता के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।
भोर में मंगला आरती के बाद से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। किसी ने झांकी तो किसी ने गर्भगृह में पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। दोपहर राजश्री श्रृंगार, आरती-पूजन के समय मंदिर का कपाट बंद होने से श्रद्धालु जमीन पर बैठकर पट खुलने का इंतजार करते रहे।
कोतवाली गली, न्यू वीआईपी गली व पुरानी वीआईपी गली में चारों तरफ भक्तजन ही नजर आ रहे थे। मां का दर्शन-पूजन करने के बाद भक्ताें ने धाम परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर में पहुंचकर पूजन-अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की।
मंदिर की आकर्षक फूल-पत्तियों के साथ ही बिजली के झालराें से की गई सजावट एक अद्भुत छटा बिखेर रही थी। मंदिर की छत पर पूजन व अनुष्ठान का दौर देर रात तक चलता रहा। मां विंध्यवासिनी देवी का विधिवत दर्शन-पूजन करने के बाद भक्ताें ने विंध्याचल की गलियाें में सजी दुकानों पर खरीदारी की। संवादु