मिर्जापुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-टू की प्रगति खराब मिलने पर मंडलीय उप निदेशक (पंचायत) ने सोनभद्र के डीपीआरओ को कड़ी चेतावनी देने के साथ ही स्पष्टीकरण मांग लिया है। उन्होंने पत्र जारी कर काम में तेजी लाने के साथ पांच दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। अपेक्षित जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
उप निदेशक (पंचायत) विंध्याचल मंडल रामजियावन ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-टू केंद्र एवं राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी प्रकार की कोई शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका उच्च स्तर पर नियमित रूप से अनुश्रवण किया जा रहा है। मंडलीय उप निदेशक ने बताया कि चार जुलाई को निदेशक की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-टू के तहत सोनभद्र की प्रगति खराब पाई गई है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में सोनभद्र में कुल 32 ग्राम पंचायतों के 35 राजस्व ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम बनाने के लिए 1960.15 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट निर्धारित की गई थी। इसकी तुलना में व्यय धनराशि 17.36.12 लाख रुपये है। जो मात्र 88.57 प्रतिशत ही है। साथ ही राज्य औसत 96.02 प्रतिशत से भी काफी कम है। मंडलीय कार्यालय की तरफ से भी छह जून को वित्तीय वर्ष 2022-23 की धनराशि 25 जून तक शत प्रतिशत खर्च करने के निर्देश दिए गए थे। डीपीआरओ सोनभद्र की ओर से शत प्रतिशत धनराशि खर्च नहीं कराई जा सकी, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 समाप्त हो गया है और वित्तीय वर्ष 2024-25 के भी तीन माह बीत चुके हैं।
इसी तरह आठ नवंबर 2023 के सर्वे के प्रथम चरण में कितने शौचालय सिंगल पिट तथा कितने शौचालय सेप्टिक टैंक वाले हैं, इनकी संख्या के वास्तविक आंकलन के लिए द्वितीय चरण का सर्वे करने के लिए निर्देशित किया गया है, लेकिन सोनभद्र में द्वितीय चरण के सर्वे के लिए निर्धारित लक्ष्य 396766 की तुलना में 347621 व्यक्तिगत शौचालयों का ही सर्वे किया गया है। जो 87.32 प्रतिशत है और राज्य औसत 87.41 प्रतिशत से कम है। इसी तरह कई और कमियां सामने आई हैं।