सीखड़। विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम को लेकर शुक्रवार को प्रधानाध्यापिका एवं ग्रामीणों से नोकझोंक का वीडियो वायरल हो गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम प्रसाद ने मामले को गंभीरता से लिया। शनिवार को विद्यालय पर पहुंचकर अभिभावकों एवं विद्यालय के बच्चों से अलग-अलग पूछताछ कर प्रधानाध्यापिका को इस तरह के विवाद से बचने की हिदायत दी।
पूछताछ में अभिभावक एवं ग्राम प्रधान ने बताया कि विद्यालय में मानक के हिसाब से कभी भोजन नहीं बनाया जाता। बच्चों को दूध एवं फल भी नहीं दिया जाता। इस मामले में बच्चों ने प्रधानाध्यापिका की तरफदारी करते हुए दूध एवं फल समय से मिलना बताया। बीएसए ने अलग-अलग प्रधानाध्यापिका एवं ग्राम प्रधान से पूछताछ की। बीएसए ने कहा ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापिका दोनों लोगों के सहयोग से विद्यालय में गुणवत्ता युक्त एमडीएम बनना चाहिए। यदि किसी प्रकार की शिकायत होती है तो दोनों लोग जिम्मेदार हैं। बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को किसी प्रकार के वाद विवाद में न पड़ने की सलाह दी। जांच टीम में खंड शिक्षा अधिकारी सीखड़ अजय कुमार चौधरी, रविंद्र मिश्रा डीसी एमडीएम, अजय श्रीवास्तव, डीसी प्रतिमा सिंह खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय शामिल रहे।