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राजकीय हाईस्कूलों की हालत खराब

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जिले के राजकीय हाईस्कूलों का हाल बेहाल है। कहीं भवन नहीं है तो कहीं विद्यार्थी ही नहीं हैं। कई परिषदीय विद्यालयों में ही राजकीय हाईस्कूल का संचालन किया जा रहा है। इससे माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है।
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जिले में 60 राजकीय हाईस्कूल संचालित हो रहे हैं। कम से कम दो राजकीय हाईस्कूल तो हर विकास खंड में हैं ही, साथ ही कहीं-कहीं चार तो कहीं इनकी संख्या पांच भी है। अधिकतर जगहों पर इन राजकीय हाईस्कूलों का संचालन एक ही शिक्षकों के भरोसे हो रहा है। हालांकि अभी एक वर्ष पूर्व हुई भर्ती से जिले को कई शिक्षक मिले हैं। उससे स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। वर्तमान में पूरे जिले में 8416 छात्र-छात्राएं इन विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। साथ ही शिक्षकों की संख्या भी तकरीबन सौ के आसपास है। हलिया विकास खंड में कम से कम चार राजकीय हाईस्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश बंद रहते हैं। हालांकि इस सत्र में ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से माध्यमिक विद्यालय खुलेंगे। हलिया, मड़िहान, राजगढ़, मझवां सहित कुछ अन्य विकास खंडों के राजकीय हाईस्कूल भवन अभी तक हैंडओवर ही नहीं हुए हैं। जो विद्यार्थी यहां पंजीकृत हैं, उनकी पढ़ाई पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में हो रही है। यही वजह है कि अधिकांश विद्यार्थी विद्यालय आते ही नहीं है। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित का कहना है कि सभी विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में अध्यापकों की तैनाती की गई है। जो भवन हैंडओवर नहीं हुए हैं। उनके हैंडओवर की औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। उधर, करीब तीन वर्ष पूर्व बनकर तैयार नवीन राजकीय हाईस्कूल ड्रमंडगंज के भवन का लोकार्पण नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। समस्या यह है कि भवन के अभाव में वर्षों से राजकीय हाईस्कूल का संचालन पूर्व माध्यमिक विद्यालय ड्रमंडगंज में किया जा रहा है। लोकार्पण के लिए स्थानीय लोगों द्वारा विभागीय स्तर पर अधिकारियों का कई बार ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे अभिभावकों में रोष है।
ज्ञात हो, नवनिर्मित भवन में कक्षाओं का संचालन नहीं होने के कारण स्कूल में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बिल्कुल न के बराबर ही रहती है। चूंकि पूर्व माध्यमिक विद्यालय ड्रमंडगंज द्वारा हाईस्कूल की कक्षाओं के संचालन के लिए मात्र एक कमरा उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में बैठने की पर्याप्त जगह नहीं होने से क्षेत्रीय अभिभावक अपने बच्चों को वहां प्रवेश नहीं दिला पा रहे हैं। राजकीय हाईस्कूल ड्रमंडगंज में एक प्रधानाध्यापिका तथा एक सहायक अध्यापिका की स्थायी तैनाती भी हो गई है, लेकिन अपने भवन में कक्षाओं का संचालन नहीं होने की वजह से विगत शिक्षा सत्र में नौंवीं कक्षा में चार तथा दसवीं में दो अर्थात कुल मात्र छह बच्चों ने ही राजकीय हाईस्कूल ड्रमंडगंज में अपना एडमिशन कराया था। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका साधना सिंह का कहना है कि नवनिर्मित भवन को हैंडओवर कराने के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है।
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