तहसील क्षेत्र में उप जिला मजिस्ट्रेट अश्वनी कुमार सिंह के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। भूमाफिया को चिह्नित कर नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर जमीन खाली नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है। इससे नोटिस पाने वालों में खलबली मची हुई है।
तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक जमीनों पर निर्माणाधीन अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाकर खाली कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं। नोटिस मिलने से तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक जमीनपर अतिक्रमण करने वालों में खलबली मची हुई है। पांच दिन पूर्व रामपुर बनकी गांव स्थित सुरक्षित जमीन से विरोध के बावजूद अतिक्रमण हटाया गया था। इसी तरह देवपुरा गांव में 25 बीघा चारागाह की जमीन खाली कराकर ग्रामप्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया। ममरी-मुतलके, पिपरवार, मलुआ, गढ़वा आदि गांवों में अतिक्रमण करने के आरोप में 13 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में जमीन खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। चेतावनी दी गयी कि जमीन से कब्जा निर्धारित समय में नहीं हटाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह का कहना है कि किसी के क्षेत्र में अतिक्रमण की सूचना मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए जिस लेखपाल व राजस्व निरीक्षक के क्षेत्र में जमीन पर अतिक्रमण किया गया है, तहसील कार्यालय में अविलंब सूचित करें। तहसील क्षेत्र का शायद ही कोई ऐसा गांव होगा कि जहां नाली, चकरोड, चकमार्ग, स्कूल, खेल का मैदान, होलिका दहन, चारागाह आदि सार्वजनिक व सुरक्षित जमीनों पर कब्जा न हो। वन व सिंचाई विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन भूमाफिया के कब्जे में है। उपजिलाधिकारी ने बताया किं अवैध कब्जा करने वालों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया जा रहा है। नोटिस में 15 दिन में कब्जा नहीं हटाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।