Mirzapur News : वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में सुचिस्मिता मौर्या ने बसपा के रमेश बिंद को 41159 मतों से हराया था। इसके बाद 2019 के आम चुनाव में रमेश बिंद भाजपा के टिकट पर भदोही से सांसद बन गए, लेकिन 2024 के आम चुनाव में उनको टिकट नहीं मिला। अब इस बार रमेश बिंद की पुत्री ज्योति सपा से इसी विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी हैं और उनके सामने एक बार फिर से सुचिस्मिता मौर्य प्रतिद्वंद्वी के रुप में हैं।
जिले की मझवां विधानसभा सीट को लेकर होने वाले उपचुनाव के लिए आखिरकार भाजपा ने गुरुवार को अपने पत्ते खोल दिए। भाजपा ने इसी सीट के लिए एक बार फिर पूर्व विधायक सुचिस्मिता मौर्या पर भरोसा जताया है और उनको अपना उम्मीदवार बनाया है। कहा जा रहा है कि विपक्ष में महिला उम्मीदवार व राजनीति में लगातार सक्रियता के चलते ही पार्टी की वह पसंद बनीं।
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सुचिस्मिता मौर्य इस सीट से वर्ष 2017 से 2022 तक विधायक रहीं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उनको टिकट नहीं मिला और यह सीट भाजपा की सहयोगी पार्टी निषाद पार्टी के डॉ. विनोद बिंद को दे दी गई। विनाेद बिंद चुनाव जीते। लेकिन उसके बाद वह 2024 के आम चुनाव में भदोही सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत गए। उनके सांसद बनने के बाद मझवां सीट रिक्त हो गई।
इस पर भी निषाद पार्टी की उम्मीदवारी का कयास लगाया जा रहा था, लेकिन भाजपा ने सुचिस्मिता मौर्य को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। सुचिस्मिता उद्योगपति व पूर्व विधायक स्व. रामचंद मौर्य की पुत्रवधू हैं। वह एमबीए की हुई हैं और राजनीति में खासा दखल रखती हैं। उनका कालीन का व्यवसाय है।