दो-तीन दिन तक कड़ी धूप के बाद बुधवार को सुबह अचानक मौसम का मिजाज फिर बिगड़ गया। सुबह कोहरे के बीच उठे बादलों के चलते दिनभर धुंध सा छाया रहा। तेज हवाओं के कारण कहीं-कहीं हुई बूंदाबांदी के चलते ठिठुरन बढ़ गई।
पिछले दिनों लंबे समय तक बादल और कोहरे के चलते बढ़े शीतलहर से पशु-पक्षी सहित आम जन ठंड से बेहाल रहे हैं। इधर दो, तीन दिनों से खिलकर धूप निकलने से लोग राहत में थे। इस बीच बुधवार की सुबह मौसम बिगड़ गया। सुबह कोहरा छाया रहा। हालांकि कुछ देर बाद सूर्य देव के दर्शन से लगा कि मौसम खुल जाएगा, लेकिन बादलों की लुकाछिपी दिनभर जारी रही। इससे दिनभर लोग ठंड से बेहाल रहे। बारिश की आशंका देख किसान खेतों में आलू की खोदाई आदि में जुटे रहे। डीएसटी महामना जलवायु परिवर्तन केंद्र के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव फिर से शुरू हो गया है, लेकिन इसका असर ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा। कुछ बूंदाबांदी से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट के फलस्वरूप ठंड और गलन में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी की संभावना है। सुबह और शाम कोहरा पड़ सकता है। एक - दो दिनों में मौसम साफ हो जाएगा।