उन्होंने कहा कि वह रुकने वाली नहीं है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का साथ देंगी। टिकट बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इस पर कोई बात नहीं है। कोर कमेटी की बैठक के बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। वह पूरे चुनाव में अखिलेश यादव के साथ रहकर चुनाव प्रचार करेंगी और मुख्यमंत्री बनाने का काम करेंगी।
कृष्णा पटेल ने कहा कि उन्होंने अपने पति स्व. सोनेलाल पटेल के साथ राजनीति की शुरुआत की थी। उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ी थीं। उन्होंने कहा कि जो लोग परिवार तोड़ने का काम कर रहे हैं, उनसे 10 साल पहले से राजनीति कर रही हैं। अपना दल ने ही अनुप्रिया को रोहनियां (वाराणसी) से विधायक और मिर्जापुर से सांसद बनाया था। अनुप्रिया पटेल के अलग पार्टी बनाने के सवाल पर कहा कि अनुप्रिया ने दूसरी पार्टी आशीष पटेल के कहने पर बनाई है।
ये है मामला
पिछले दिनों अपना दल कमेरावादी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और अमन पटेल की मां कृष्णा पटेल ने भी सपा से गठबंधन किया है। इसी के बाद अमन ने सपा प्रमुख को खुद को संपत्ति से अलग किए जाने की जानकारी दी है। अखिलेश यादव को लिखे पत्र में अमन ने अपनी बहन पल्लवी पटेल पर धोखाधड़ी कर उन्हें पिता की संपत्ति से वंचित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। वह सिर्फ अपने पिता की संपत्ति में अपना हक चाहती हैं। अनुरोध किया है कि वे उनकी मां से इस संबंध में बात करें। उन्होंने अखिलेश यादव को प्रदेश की जनता का आशा का केंद्र बताया है।