उपेक्षा का शिकार बना कोन ब्लाक के लखनपुर का एएनएम सेंटर।
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जिले के 251 एएनएम सेंटर की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। कही सुविधा नहीं है तो कहीं भवन नहीं है। वहीं अधिकांश स्थानों पर तो एएनएम ही नहीं जाती हैं। कभी कभार पहुंच गईं तो महिलाओं के आने पर उन्हें जिले पर रेफर कर दिया जाता है।
बता दें कि शासन ने जनपद के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को प्रसव तथा इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़े इसके लिए गांव के नजदीक ही या गांव में एएनएम सेंटर खोलवाया है। वर्तमान समय में मिर्जापुर जनपद में कुल 251 उपस्वास्थ्य केंद्र हैं।
जिसमें गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराने से लेकर उनके टीकाकरण तक की सुविधा है, लेकिन एएनएम के आए दिन गायब रहने के चलते अधिकांश महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता है। स्थिति यह हो गई हैं कि ग्रामीण इलाकों में एएनएम जाती ही नहीं, जाती भी हैं तो खानापूर्ति करते हुए गर्भवती महिलाओं का इलाज करने की बजाय उन्हें जिले पर रेफर कर देती हैं।
जिले के पूर्वी सीमा पर स्थित धारा और बरी सेंटर का भवन जर्जर है। यहां एएनएम डर के मारे नहीं जाती हैं कि कब भवन न गिर जाय। एएनएम सीएचसी पर ही ड्यूटी देती हैं। यहीं से दवाएं लेकर गांवों में जाती हैं और जरूरतमंद महिलाओं के बीच वितरण किया जाता है।
पिड़खिर में भवन बना हुआ है तो चहारदीवारी नही है। जमालपुर ब्लाक के करजी गांव में बना एएनएनएम सेंटर की छत बारिश में चूने लगती है। दरवाजे खिड़कियां टूटी हुई हैं। यहां पानी की भी व्यवस्था नही है। सिंकदरपुर गांव में बना एएनएम सेंटर का भवन विभाग को हैंडओवर ही नहीं किया गया और ढह भी गया।