मिर्जापुर। अमृत योजना के तहत नगर क्षेत्र के 32 हजार तीन सौ 15 घरों को पेयजलापूर्ति के लिए मुख्यमंत्री ने एक कदम बढ़ाते हुए 77 करोड़ 42 लाख रुपये मंजूर किए हैं। यह जानकारी उन्होंने ट्विटर पर शेयर की।
नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल की दिनों दिन बढ़ती हुई समस्या को देखते हुए नगर पालिका परिषद ने एक सौ 85 करोड़ 78 लाख रुपये की पेयजल योजना का प्रस्ताव भेजा था। इसमें 77 करोड़ 42 लाख रुपये जारी किए गए। बताया जाता है कि 30 करोड़ 67 लाख रुपये शासन ने पहले ही स्वीकृत कर दिया था। उससे काम चल रहा था अब उसको लेकर 46 करोड़ 75 लाख रुपये और जारी किए गए जो कुल मिलाकर 77. 42 करोड़ होते हैं।
अमृत योजना के तहत गंगा के पानी का प्रयोग किया जाएगा। वहां पर इसके लिए शास्त्री सेतु के पास एक इनटेक वेल बनाया जा रहा है। वहां से पानी दो किलोमीटर चलकर लालडिग्गी पहुंचेगा। वहां पर उसे शोधित किया जाएगा और उसके बाद जलापूर्ति की जाएगी। यह पानी पंपों के जरिए पूरे नगर में पाइप लाइनों की सहायता से आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए 15 नए ओवरहेड टैंक बनेंगे। पहले इनकी संख्या नौ थी जो बाद में बढ़ाकर 15 कर दी गई।
इस योजना के तहत पूरे नगर क्षेत्र में दो सौ 10 किलोमीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछायी जा रही है। इस वजह से पूरे नगर की सड़कों को काटना पड़ रहा है। जब सड़क कटेगी तो उसका निर्माण भी होगा। इस धनराशि का प्रयोग उसमें किया जाएगा। पहले पाइप लाइन की लंबाई एक सौ 77 किलोमीटर ही थी लेकिन रिवाइज्ड प्रपोजल में उसे 33 किलोमीटर बढ़ाकर दो सौ 10 किलोमीटर कर दिया गया।
लालडिग्गी में बनने वाले शोधन यंत्र की क्षमता 60 एमएलडी होगी। इसी जगह छह एमएलडी का पुराना शोधन संयंत्र है। उसे भी दुरुस्त किया जा रहा है। इस प्रकार से कुल क्षमता 66 एमएलडी की हो जाएगी जबकि बढ़ती हुई आबादी के लिहाज से वर्ष 2050 में भी नगर को मात्र 61 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। इस लिहाज से भी यह क्षमता अधिक रखी गई है।
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यह परियोजना आगामी 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनायी गई है। पहले यह वर्ष 2030 तक पूरी होनी थी लेकिन इसके कार्य में तेजी लाकर इसे वर्ष 2022 तक ही पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- मनोज जायसवाल, नपाध्यक्ष