मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में दर्ज मुकदमें की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 18 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 25 जून 2022 को उसकी पुत्री बाजार सामान लेने गई थी। उसके साथ उसका चचेरा भाई था। वहां से एक धार्मिक स्थल पर तबला बजाने वाले भूपेंद्र सिंह उसकी पुत्री को बहलाकर भगा ले गया। तहरीर मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी पर पाॅक्सो और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर जेल भेज दिया। इसके बाद विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। वादी की ओर से अधिवक्ता अतुल त्रिपाठी ने भी आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने के लिए साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किया। अधिवक्ताओं के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट संतोष कुमार त्रिपाठी ने दोषसिद्ध होने पर आरोपी भूपेन्द्र सिंह निवासी बागबारा थाना बागबारा जनपद महासमुन्द्र छत्तीसगढ़, मौजूदा पता रतनगंज कोतवाली कटरा को 10 वर्ष के कारावास और 18 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।