उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ते हुए नोएडा सिटी सेंटर से बोड़ाकी तक मेट्रो रेल के संचालन का फैसला किया है।
यह रूट 29.5 किलोमीटर लंबा होगा और प्रोजेक्ट को 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया है। इस परियोजना पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। प्रदेश सरकार का कहना है कि इससे आम नागरिकों को सुगम व तेज यातायात की सुविधा मिल सकेगी।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल संचालन के संबंध में मंगलवार को बैठक की। उन्होंने बताया कि यह मेट्रो प्रोजेक्ट कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, पश्चिम बंगाल व केरल जैसे राज्यों की तरह होगा।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच एक लाइन की मेट्रो होने की वजह से इसे डीएमआरसी की विस्तार योजनाओं के अंतर्गत करवाया जाना संभव नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि बीते 27 मई को नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की एक बैठक हुई थी। उस बैठक में नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण व ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा एक कंपनी के गठन का निर्णय हुआ था।
बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन, सीईओ नोएडा रमारमण, सचिव आवास राजीव अग्रवाल, सचिव वित्त मुकेश मित्तल व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
खिल गए चेहरे
यह खबर मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग कॉलेजों व उद्यमियों को यकीनी तौर पर खुशी देगी। परियोजना पूरी होने पर दिल्ली और नजदीक हो जाएगी।
मेट्रो के कदम पड़ेंगे तो जमीन के दाम में भी उछाल आएगा और लंबे समय से लोगों की बाट जोह रहे कई वीरान इलाकों में चहलकदमी बढ़ेगी। परी चौक, अल्फा, डेल्टा, बीटा, गामा वगैरा सेक्टर बेसब्री से मेट्रो के इंतजार में हैं।
नोएडा की भी मौज
मेट्रो का जो रूट है उसके आसपास नोएडा में 78, 81, 101, 83, 85, 137, 142, 144, 147, 149 व 153 सहित कई सेक्टर बस रहे हैं। इन सेक्टरों में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर कुछ नहीं हैं। यहां रिहाइश के लिए इमारतें तो बहुत हैं मगर कनेक्टिविटी के चलते लोग नहीं आ रहे। अब स्थिति बदलेगी।
अटकने ना पाए मेट्रो
मेट्रो परियोजना को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में मंगलवार को एक बैठक हुई। इसमें डीएमआरसी के नियमों और शर्तों पर विचार के साथ इस पर भी चर्चा हुई कि मेट्रो के मसले में कोई और महत्वपूर्ण मसला तो नहीं छूट रहा।
बैठक में एसीईओ हरीश वर्मा, जीएम प्रोजेक्ट केके सिंह समेत प्राधिकरण के कई अधिकारी मौजूद थे। काफी देर तक इस बात पर मंथन हुआ कि कोई ऐसा मुद्दा न छूट जाए, जो मेट्रो कार्य शुरू होने के बाद परेशानी पैदा करे।
परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर भी बातचीत हुई। हालांकि बैठक में ऐसी कोई दिक्कत सामने नहीं आई इसलिए जल्द ही एक और बैठक की जाएगी।
ये होगा रूट
नोएडा सेक्टर-32, 51, 83, 101, 143, 147, नॉलेज पार्क-2, परी चौक, अल्फा, डेल्टा, नॉलेज पार्क-4