पश्मिची उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन और 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर जनपद में होने जा रही संयुक्त किसान मोर्चे की किसान महापंचायत को देखते हुए योगी सरकार आज या कल तक गन्ने का रेट घोषित कर सकती है। मुख्य सचिव ने गन्ना अधिकारियों, मिल प्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों से वार्ता कर अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। योगी सरकार पंजाब सरकार द्वारा गन्ना रेट में एकमुश्त 50 रुपये की बढ़ोतरी करने से पहले ही दबाव में चल रही है। वहीं प्रदेश के किसानों ने 450 रुपये कुंतल की मांग की है।
पिछले तीन पेराई सत्र से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने और और अगले साल चुनाव के चलते इस साल सरकार गन्ना रेट में 20 से 25 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी कर सकती है। सरकार की मंशा किसान महापंचायत से पहले गन्ना रेट घोषित कर किसानों को साधने की है।
आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं किसान
हालांकि अगर योगी सरकार ने पंजाब सरकार द्वारा घोषित 360 रुपये प्रति कुंतल से कम रेट घोषित किया तो किसान पंचायत में ही इसके लिए आंदोलन का बिगुल फूंकने की घोषणा कर सकते है। पंजाब सरकार ने भी किसानों के भारी दबाव और आंदोलन के बाद 50 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की है। पंजाब में भी यूपी के साथ ही अगले साल चुनाव है। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि किसान 450 रुपये प्रति कुंतल से कम पर नहीं मानेंगे।
पंजाब की तर्ज पर मांग रहे गन्ना मूल्य
बता दें कि पंजाब सरकार ने गन्ना मूल्य बढ़ा दिया है। किसान संगठनों ने इसे आंदोलन की जीत बताया है। यूपी में पिछले तीन पेराई सत्र से गन्ने का रेट नहीं बढ़ा है। पेराई सत्र 2021-22 के लिए गन्ना मूल्य की घोषणा होनी है। किसान आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
ट्रैक्टर से पहुंचेंगे मुजफ्फरनगर
उधर, मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत को लेेकर किसानों में उत्साह है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के किसान जहां बसों के जरिए पहुंचेंगे, वहीं पश्चिमी यूपी के किसान अपने ट्रैक्टरों पर सवार होकर महापंचायत में जाएंगे। भाकियू तैयारी में जुटी है।