मेरठ में महिला दरोगा रितु काजला और थानाध्यक्ष द्वारा भ्रष्टाचार के मामले के बाद एक और मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की मौत के छह साल बाद दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी बना दिया।
मेरठ में दरोगा रितु काजला और थानाध्यक्ष मोनिका जिंदल का रिश्वत प्रकरण अभी ठंडा नहीं हुआ था और महिला थाने का एक और खेल सामने आ गया है। करीब 6 साल पहले दुनिया को अलविदा कहकर चले गए जानी के रसूलपुर धौलड़ी के रहने वाले आस मोहम्मद पर दहेज उत्पीड़न और दुष्कर्म जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर दिया गया।
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रसूलपुर धौलड़ी गांव निवासी महिला ने दो अप्रैल 2022 को अपने पति रिफाकत अली और जेठ आस मोहम्मद समेत दस लोगों पर दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म एवं अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी। महिला थाने में सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई, जबकि आस मोहम्मद की मौत 65 वर्ष की आयु में 31 जुलाई 2016 को ही हो गई थी।
रिफाकत ने बताया कि पुलिस उनके घर दबिश दे रही है पर सत्यता की जांच नहीं कर रही। रिफाकत ने कहा कि पारिवारिक विवाद पहले से ही कोर्ट में चल रहा है। आस मोहम्मद का मृत्यु प्रमाण पत्र भी परिवार के पास है।
उधर, मृत व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर का यह मामला भी गंभीर आरोपों में महिला थाने से हटाई गईं मोनिका जिंदल के समय का है। दूसरी तरफ एसपी सिटी विनीत भटनागर ने कहा कि मामले की जांच कराएंगे।