जिला अस्पताल में मेडिकल कराने आई महिला ने डॉक्टर से झड़प होने पर बाहर जाकर ट्रांसफार्मर का तार पकड़ लिया और बुरी तरह झुलस गई। यह देखकर हड़कंप मच गया। महिला वहीं पड़ी तड़पती रही, लेकिन किसी ने भी उसे भर्ती कराने की जहमत नहीं उठाई। सूचना पर मीडियाकर्मी पहुंचे तो अस्पताल का स्टाफ और चिकित्सक हरकत में आए और महिला को इमरजेंसी में भर्ती कराया। करीब 25 प्रतिशत तक झुलसी महिला को देर शाम मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, महिला पुलिसकर्मी एक महिला को मारपीट के मामले में कंकरखेड़ा से जिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण कराने के लिए लेकर पहुंची थी। यहां डॉ. प्रदीप ने मेडिकल परीक्षण किया। महिला ने कुछ और निजी समस्या बताई तो उसे महिला जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। वहां महिला चिकित्सक डॉ. किरण ने मेडिकल करने से पहले एफआईआर का नंबर मांगा। बकौल डॉ. किरण, महिला पुलिसकर्मी को एफआईआर नंबर नहीं पता था, तो उससे कहा कि वह थाने फोन करके पता कर लें। यह सुनकर महिला भड़क गई और चिल्लाने लगी कि मेरा इलाज नहीं किया जा रहा है। कभी कहते हैं यहां चले जाओ, कभी वहां चले जाओ। मेरे साथ इस तरह का व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। स्टाफ से कहासुनी होने पर यह महिला वहां से वापस जिला अस्पताल आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्टाफ पर गलत व्यवहार का आरोप लगाकर महिला दीवार फांदकर अस्पताल के बिजलीघर में घुस गई। चंद मिनट बाद ही एक धमाका हुआ। लोगों ने वहां जाकर देखा तो महिला झुलस चुकी थी और चिल्ला रही थी कि ‘मुझे बचा लो, मुझे बचा लो।’ बिजलीघर में 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे हैं। उसने ट्रांसफार्मर का केबिल पकड़ लिया, जिस कारण यह घटना हुई।
बिजलीघर में तैनात स्टाफ की लापरवाही
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल का कहना है कि ऐसा नहीं लगता कि महिला ने आत्महत्या की कोशिश की होगी। वह पहले भी कई बार हंगामा कर चुकी है। इस घटना में बिजलीघर पर तैनात स्टाफ की भी लापरवाही है। कोई कैसे बिजलीघर में ट्रांसफार्मर के बीच जा सकता है। इसकी जांच कराई जाएगी।