फराह जाफरी
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चार दिन तक मौत से लड़ते रहे मेरे शौहर, मगर हार गए : फराह
वैली बाजार में रहने वालीं फराह जाफरी इन दिनों ऋषभ एकेडमी में पढ़ाती हैं। उनकी दो बच्चियां हैं, बड़ी बेटी जहरा इंजीनियरिंग कर रही हैं और छोटी अलीना दसवीं में है। फराह ने विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में अपने पति अतहर जाफरी (40) को खोया था।
वह बताती हैं कि अतहर एक निजी शिक्षण संस्थान चलाते थे, वह अपने दोस्त के साथ विक्टोरिया पार्क मेले में गए थे। शाम को पता चला कि उनका एक्सीडेंट हो गया है और वह लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें यह नहीं बताया गया था कि वह इस हादसे का शिकार हो गए हैं। अस्पताल पहुंची तो देखा बुरी तरह से जले हुए थे। तीन दिन तक वह यहां भर्ती रहे, इसके बाद उन्हें दिल्ली के अस्पताल में शिफ्ट किया गया, लेकिन 14 अप्रैल 2006 को उन्होंने दम तोड़ दिया। तब दोनों बच्चियां छोटी थीं। बड़ी बेटी को थोड़ा याद है, छोटी बेटी को कुछ याद नहीं। मेरे और परिवार के लिए बहुत बड़ा गम है, जिसे अल्फाजों में बयां नहीं किया जा सकता। फराह कहती हैं कि विक्टोरिया पार्क अग्निकांड की लड़ाई लड़ रहे लंदन स्पोर्ट्स वाले संजय गुप्ता ने सगे भाई से ज्यादा उनकी मदद की है। अपनी बहन की तरह उनका और उनके परिवार का ख्याल रखा है। वह और उनका परिवार संजय गुप्ता का शुक्रगुजार हैं।