पीड़ित महिलाओं को इंतजार है इंसाफ मिलने का
मुजफ्फरनगर। शासन द्वारा पिछले साल अक्तूबर माह में नारी शक्ति अभियान के तहत जोरशोर से थानों में गठित की गई महिला हेल्प डेस्क अपने उद्देश्य में पिछड़ रही है। आधी आबादी को त्वरित सुनवाई और न्याय दिलाने के उद्देश्य से गठित महिला हेल्प डेस्क पर वर्तमान में 268 शिकायतें लंबित हैं। यही कारण है कि महिलाओं को अब भी कार्रवाई के लिए पुलिस ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
शासन द्वारा नारी शक्ति अभियान के तहत अक्तूबर 2020 में सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क गठित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुपालन में जनपद के 21 थानों में महिला हेल्प डेस्क गठित कर स्टाफ की नियुक्ति की गई थी, तब से 15 जुलाई तक जनपद में महिला हेल्प डेस्क पर कुल 2,184 शिकायतें दर्ज की गईं हैं। इनमें से 1,916 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 1,224 शिकायतों में शिकायतकर्ता व आरोपी पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया। केवल 299 शिकायतों पर ही महिला हेल्प डेस्क द्वारा महिलाओं की शिकायत पर कार्रवाई कर मुकदमे पंजीकृत कराए गए, जबकि 77 शिकायतों पर एनसीआर दर्ज कराई गई है। वहीं, 316 शिकायतें ऐसी रहीं, जिनमें इससे इतर कार्रवाई की गई। इसके अलावा, वर्तमान में महिला हेल्प डेस्क के पास 268 मामले ऐसे हैं, जो अब तक लंबित हैं और पीड़ित महिलाएं कार्रवाई का इंतजार कर रहीं हैं। यही कारण है कि महिला हेल्प डेस्क के बावजूद महिलाएं अब भी कार्रवाई के लिए पुलिस ऑफिस के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
तीन माह से काट रहीं कार्रवाई के लिए चक्कर
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना मोड़ निवासी महेश चौहान की बेटी की शादी करीब ढाई साल पूर्व शामली जनपद के युवक से हुई थी। विवाहिता को एक बेटा है। पीड़िता का कहना है कि काफी समय से ससुराल पक्ष ने उसे घर से निकाला हुआ है, जिसके चलते वह बच्चे के साथ मायके रह रही है। करीब तीन माह पूर्व उसने ससुराल पक्ष के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन आज तक महिला हेल्प डेस्क या थाना पुलिस द्वारा किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। नतीजतन वह आज भी कार्रवाई के लिए अपने डेढ़ साल के बच्चे को लेकर पुलिस ऑफिस के चक्कर काट रही है।
इन्होंने कहा ......
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि महिला हेल्प डेस्क द्वारा अब तक 1,900 से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। महज 268 मामले हेल्प डेस्क पर लंबित हैं, जिन पर कार्रवाई चल रही है।