परिवार का रोल सबसे अहम
स्मृति मूल रूप से बिजनौर के झालू निवासी स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद शर्मा की पौत्री हैं। स्मृति ने बताया कि सफलता में परिवार का रोल बेहद अहम होता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने माता सरिता शर्मा और पिता संजय कुमार शर्मा की इच्छा पर ही सिविल की तैयारी की। कई बार मायूस हुई तो छोटे भाई कुशाग्र ने हिम्मत बढ़ाई। चाचा राजीव शर्मा ने बताया कि स्मृति ने 10वीं और 12वीं बिजनौर से की और टॉपर रहीं।
जब इंटरव्यू में पूछा, सुल्ताना डाकू को जानती हो
स्मृति ने विद्यार्थियों को बताया कि इंटरव्यू सफलता में बेहद मायने रखता है। इसमें देश-दुनिया की जानकारी के अलावा आपके होम टाउन को लेकर भी पूछा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मुझसे बिजनौर के बारे में पूछा तो मैने बताया कि हमारा जिला उत्तराखंड बॉर्डर से मिला है। यहां पर गंगा नदी बहती है। नगीना का वुडक्राफ्ट देश में पहचान रखता है। हैदरपुर वेटलैंड में दुनियाभर के पक्षी आते हैं। उन्होंने बताया कि मुझसे ये पूछा गया कि बिजनौर के सुल्ताना डाकू के बारे में जानती हो क्या।
अखबार जरूर पढ़ें, बहुत कुछ सीखा
स्मृति ने बताया कि रोजाना अखबार पढ़ने की आदत डालो। इससे जनरल नॉलेज बढ़ेगी। इससे आपको मेंस में लिखने में बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि अखबार का संपादकीय पेज पढ़ने से बहुत मदद मिली। अखबारों में समस्याएं देखीं तो लगा कि मुझे आईएएस बनकर इनको हल करना चाहिए। अखबार के जरिए मुझे एक ऐसी न्याय पंचायत का पता चला जहां सभी महिलाएं थी।
अभ्युदय कोचिंग के इन विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
स्तुति रस्तोगी, तनु शर्मा, वर्षा शर्मा, अमीषा, रुमाना, आचंल, संचिता, अरुण, सोमेश, राजकुमार एव गौरव ने तैयारी के संबंध में स्मृति से सवाल किए।