साक्षात्कार में पूछा गणित से प्रशासन कैसे चलाओगे?
अर्पित बताते हैं कि गणित उनका मुख्य विषय रहा। इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि आप कैसे गणित से प्रशासन देखोगे। हालांकि परीक्षा की तैयारी के दौरान बाकी विषयों में रूचि बढ़ती चली गई। समाजशास्त्र और राजनीति जैसे विषय अब पसंदीदा बन गए हैं।
22 लाख का पैकेज ठुकराकर शुरू की यूपीएससी की तैयारी
इससे पूर्व यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2020 के घोषित परिणाम में अर्पित संगल ने 239वीं रैंक पाई। आईपीएस के लिए चुने गए। अर्पित ने 2014 में इंटर की परीक्षा पास की थी। उन्होंने आईआईटी एडवांस में 283वीं रैंक पाई और दिल्ली आईआईटी से बीटेक किया। बीटेक करते हुए तीसरे साल में ही उनको बैंगलोर की प्रतिष्ठित मोबाइल निर्माता कंपनी में 22 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी मिली, लेकिन उन्होंने ज्वाइन न करके सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
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परिवार का हमेशा साथ रहा
वह बताते हैं कि इस जर्नी में परिवार सबसे ज्यादा महत्व रखता है। परिवार की ओर से अगर प्रेशर न हो तो आप भी मोटिवेटेड रहते हैं। पिता सुशील संगल पुत्र स्वर्गीय मक्खनलाल का शामली स्थित नई मंडी में मूंगफली का कारोबार है और मां कुमकुम गृहणी है। भाई शशांक बिजनेस करते हैं और पिता के कारोबार में सहयोग करते रहते हैं। छोटी बहन खुशी कक्षा नौ में पढ़ती है। सभी ने हमेशा मेरी प्रतिभा को सराहा और मेरी तैयारी में अहम भूमिका निभाई।
हौसला और मेहनत के दम पर मिलती है कामयाबी
अर्पित संगल का युवाओं के लिए संदेश है कि अगर हौसला, आत्मविश्वास मजबूत हो और कुछ करने की सच्ची लगन हो तो सफलता अवश्य मिलती है। लक्ष्य निर्धारित कर उस पर डटे रहे। अगर कभी फेलियर का भी सामना करना पड़े तो गलत कदम न उठाएं। कोशिश करते रहें अगर यूपीएससी नहीं तो किसी और क्षेत्र में अपना करियर बनाएं।