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बागपत की बेटी का आईएएस में चयन, गांव में बंटी मिठाई, ये हैं अदिति की कामयाबी के टिप्स

Wed, 05 Aug 2020 07:31 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

  • सिविल सेवा में धनौरा की बिटिया अदिति ने भरी उड़ान
  • अदिति सिंह ने हासिल की 411वीं रैंक
  • पिता राजेंद्र सिंह दिल्ली जल बोर्ड में अधिशासी अभियंता और मां हैं शिक्षिका
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अदिति को मिठाई खिलाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2019 के नतीजों में धनौरा सिल्वरनगर गांव की बेटी अदिति सिंह ने कामयाबी की उड़ान भरी। बिटिया ने 411वीं रैंक हासिल की हैं। अदिति कहती हैं कि लक्ष्य निर्धारित कर लगातार पढ़ाई से कामयाबी हासिल हुई है।

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बागपत जनपद के धनौरा सिल्वरनगर निवासी राजेंद्र सिंह मौर्य दिल्ली जल बोर्ड में अधिशासी अभियंता हैं। गांव के अलावा परिवार दिल्ली के रोहिणी में रह रहा है। अदिति सिंह ने बताया कि उन्हें 411वीं रैंक मिली है। तीसरे प्रयास में यह कामयाबी हासिल हुई। साल 2018 की परीक्षा में भी वह इंटरव्यू तक पहुंच गई थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई। इस बार उन्हें पूरा विश्वास था। सामाजिक विज्ञान विषय का चुनाव किया। यह उनके लिए नया विषय था, इसकी कोचिंग ली और कामयाबी मिल गई।

माता-पिता से मिली प्रेरणा 
अदिति कहती हैं कि पिता राजेंद्र सिंह मौर्य और शिक्षिका माता डॉ. राजवती देवी ने उन्हें बचपन से ही बेहतर शिक्षा के लिए प्रेरित किया। 10वीं के बाद सिविल सेवा के विषय में सोचना शुरू किया था। लक्ष्य बनाया और परिवार को बताया। सभी ने साथ दिया। बड़ी बहन डॉ. रुचिका सिंह, ताऊ जगवीर सिंह मौर्य, तहेरे भाई देवेंद्र कुमार ने हमेशा हौसला बढ़ाया। परिवार के सदस्य जितेंद्र सिंह, सुनील कुमार, धर्मपाल सिंह और कर्ण सिंह ने हमेशा सकारात्मक सोचने के लिए प्रेरित किया।
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घर में दो बेटी, दोनों कामयाब
राजेंद्र सिंह मौर्य की कहानी भी समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। बचपन में ही पिता का निधन हो गया। अपने भाई जगवीर सिंह मौर्य के साथ मिलकर जीवन संघर्ष शुरू किया। खेतों में मजदूरी के साथ-साथ पढ़ाई भी की। दिल्ली में नौकरी मिली। इसके बाद परिवार में बड़ी बेटी रुचिका सिंह और छोटी अदिति सिंह ने जन्म लिया। परिवार ने दबाव बनाया कि लड़का भी होना चाहिए, लेकिन राजेंद्र सिंह और मां डॉ. राजवती ने कहा कि बेटियां भी बेटों के ही समान हैं। दंपती ने बेटियों को खूब पढ़ाया। रुचिका सिंह को डॉक्टर बनाया। इन दिनों वह फोर्टिस अस्पताल में जनसेवा कर रही हैं। 

अदिति के टिप्स
अदिति कहती हैं कि लक्ष्य हासिल करने के लिए खुद के साथ भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। रोज बेहतर करने की कोशिश होनी चाहिए। सही विषयों का चयन, परिवार का सहयोग और मेहनत करने से ही मंजिल तक पहुंचा जा सकता है। परिवार, शिक्षक और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच बननी चाहिए।

धनौरा सिल्वरनगर गांव की बेटी अदिति का आईएएस में चयन होने पर परिजनों व ग्रामीणों ने बुधवार को मिठाई बांटकर खुशी मनाई। इस दौरान ग्राम प्रधान के आवास पर एकत्र गणमान्य ग्रामीणों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर हर्ष व्यक्त किया। वीर सिंह प्रधान ने बताया कि अदिति ने गांव व जनपद का मान बढ़ाया है। गांव में आने पर बेटी का सम्मान किया जाएगा।

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