मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में युवक के लिंग परिवर्तन को लेकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टर और पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए। पीड़ित परिवार के समर्थन में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज के बाहर धरना प्रदर्शन किया।
शाहपुर क्षेत्र के सांझक गांव का रहने वाला युवक भोपा रोड स्थित पेपर मिल में मजदूरी करता था। यहां पर उसकी पहचान सोरम गांव निवासी युवक से हो गई। दोनों अलग-अलग समुदाय से थे। पिछले दो साल से दोनों के बीच गहरी मित्रता चली आ रही थी।
पांच जून को सांझक के युवक को मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया और छह जून को लिंग परिवर्तन के लिए उसका ऑप्रेशन कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवक और उसके परिजनों का कहना है कि होश आने पर उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया।
बुधवार को पीड़ित परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे। भाकियू के प्रदेश महामंत्री श्यामपाल चेयरमैन, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज पहलवान भी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। डॉक्टरों से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। नाराज भाकियू कार्यकर्ता मेडिकल कॉलेज के बाहर धरने पर बैठ गए। लगभग पांच घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर नीरज बोपड़ा, अंकित राठी, रणधौल राठी, नीटू राठी व अहमद त्यागी मौजूद रहे।
पीड़ित ने लगाया कुकर्म का आरोप
मेडिकल कॉलेज में भर्ती पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने उसके साथ कुकर्म किया। उसके खाते से जबरन रुपये भी निकाल लिए। गलत तरीके से उसका ऑप्रेशन करा दिया गया।
कानून के दायरे में किया ऑप्रेशन: सीएमएस
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ.कीर्ति गोस्वामी का कहना है कि कानून के दायरे में ही डॉ. रजा ने ऑप्रेशन किया है। इसका साक्ष्य मेडिकल कॉलेज के पास हैं। ऑप्रेशन से पहले दूसरे संस्थानों की मेडिकल टीम से युवक की काउंसिलिंग भी कराई गई थी। इसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध है। कॉलेज की तरह से नियमों का पालन किया गया है।