मेरठ। जिम ट्रेनर परवेंद्र की हत्या के मामले में परिजनों ने बुधवार को एडीजी कार्यालय पर हंगामा किया। आरोप है कि हत्या में मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और उसके साथी की भूमिका संदिग्ध है। उनको मुकदमे में नामजद कर शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
दौराला थाना क्षेत्र के सकौती गांव निवासी परवेंद्र की बीती नौ सितंबर को नंगली-शाहपुर गांव मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में दौराला पुलिस ने अमित मलिक, शिवा मलिक व रजत राठी को जेल भेजा था। परवेंद्र का भाई जितेंद्र, भाजपा नेता मीलन गौतम और ग्रामीण बुधवार को एडीजी कार्यालय पहुंचे। जितेंद्र का आरोप है कि उसके भाई की हत्या में मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अंकित मलिक एवं उसके साथी विनय भारद्वाज की भूमिका संदिग्ध है। इनकी शिकायत कई बार दौराला पुलिस से कर चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोप है कि पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष समझौता नहीं करने पर धमकी दे रहा है। पीड़ित परिजनों ने अंकित मलिक एवं विनय भारद्वाज को मुकदमे में नामजद करने की एडीजी से गुहार लगाई। वहीं, अंकित पर अवैध हथियार सप्लाई करने का भी आरोप लगाया। उधर, अंकित मलिक का कहना है कि परवेंद्र उसका दोस्त था। उसका हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, इस बाबत एडीजी राजीव सभरवाल का कहना है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।