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नोएडा के नए पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने दिया अमर उजाला के हर सवाल का जवाब, बोले- अब बदलेगा चेहरा

Tue, 14 Jan 2020 03:23 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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नए कमिश्नर आलोक सिंह - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली से सटे नोएडा में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से उत्तर प्रदेश पुलिस का चेहरा बदलेगा। पुलिसिंग में बड़ा बदलाव होगा। थाना स्तर पर जनता की अनदेखी अब नहीं हो सकेगी। रोजाना हर अफसर को मॉनिटरिंग करनी होगी। किस थाने में कितने केस अनसुलझे हैं और आर्म्स एक्ट के मामले हैं, इस सबको बारीकी से देखा जाएगा। 

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पुलिस कमिश्नर व्यवस्था लागू करने के पीछे सरकार की मंशा है कि भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण करना है। महिलाओं की सुरक्षा और पीड़ितों को इंसाफ दिलाना प्राथमिकता रहेगी। यूपी में पहली बार नोएडा और लखनऊ में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हुआ है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और हाल ही में आईजी से एडीजी बने आलोक सिंह को नोएडा का पहला पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। आईपीएस अखिलेश मीणा ज्वाइंट कमिश्नर कानून व्यवस्था और अपर्णा गांगुली के पास ज्वाइंट कमिश्नर क्राइम एवं मुख्यालय की जिम्मेदारी होगी। 

वहीं, सात डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), एसीपी (सहायक आयुक्त) की नियुक्ति हुई है। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह के मुताबिक सरकार की मंशा है कि अपराध मुक्त प्रदेश बने। इसको लेकर यह व्यवस्था बनाई गई है। इस नई व्यवस्था पर पुलिस कमिश्नर नोएडा आलोक सिंह ने अमर उजाला के कुछ सवालों पर जवाब दिए।

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सवाल : पुलिस कमिश्नर व्यवस्था से क्या लाभ मिलेगा, आम जनता को इसका कितना फायदा होगा 
- ये व्यवस्था आने वाले समय के लिए बहुत बेहतर होगी। वरिष्ठ अधिकारी जितनी गहन निगरानी करेंगे, उतना ही जल्दी आम जनता को इंसाफ मिलेगा। महिला अपराध पर शिकंजा कसना प्राथमिकता रहेगी। 

सवाल: अपराधियों पर इस व्यवस्था के तहत कितनी बड़ी और कितने समय में कार्रवाई होगी। 
- अपराधियों पर पुलिस लगाम कसेगी। गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर, रासुका, आर्म्स एक्ट की बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी। थानों से रिपोर्ट आने के बाद अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई होगी, जिस पर अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों का इंतजार करना पड़ता था। 

सवाल: जाम से मुक्ति पाने के लिए पुलिस कितनी कारगर होगी। 
- ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस रहेगा। वाहन चालान ज्यादा होंगे और नियमानुसार ट्रैफिक चलेगा। दिल्ली और नोएडा में जाम की समस्या अक्सर रहती है, इसको पुलिस कम करने का प्रयास करेगी। 

सवाल: एक जिले में पुलिस कमिश्नर के साथ नौ आईपीएस अफसर बैठेंगे, कैसे व्यवस्था बनेगी। 
- सभी आईपीएस अधिकारियों की अलग-अलग जिम्मेदारी तय होगी। रोजाना मॉनीटरिंग होगी और एक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भी जाएगी। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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सवाल: फरियादियों की शिकायत पर कितना असर होगा। 
- अभी तक लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने के लिए एक से दूसरे जिले जाना पड़ता था। इस व्यवस्था से लोगों की राह भी आसान होगी। अगर थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होती तो वह कई जगहों पर इसकी शिकायत कर सकते हैं। 

परिचय 
नाम:  आलोक सिंह 
पिता : चंद्रपाल सिंह 
गृह जिला : अलीगढ़ (यूपी)
जन्म तिथि: 24 जनवरी 1967
कैडर : आईपीएस आरआर 1995
शिक्षा. बीएससी (साइंस, फिजिक्स, मैथ), एमए (अर्थशास्त्र), एमबीए (मार्केटिंग एंड फाइनेंस)

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