अभी तक पुलिस इस भ्रम में थी कि सोतीगंज के कबाड़ियों ने अपने काम धंधे बदल दिए हैं, लेकिन अधिकतर कबाड़ी अब भी यह काम कर रहे हैं। सिर्फ इतना अंतर है कि सोतीगंज में चोरी के वाहन के पार्ट्स नहीं बिक रहे। यहां के कबाड़ी मुजफ्फरनगर सहारनपुर बुलंदशहर और हापुड़ जिलों में चोरी के वाहन कटवा रहे हैं। इसका खुलासा भी पुलिस ने हाल ही में किया है।
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वहीं पुलिस ने दो दिन पहले ही सोतीगंज से वाहनों के पार्ट्स ले जाते हुए दिल्ली के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से बड़ी मात्रा में वाहनों के पुर्जे मिले थे। कबाड़ का अवैध कारोबार बंद करने के दावों के बीच करीब 55 करोड़ की संपत्ति पुलिस कुर्क कर चुकी है। कई शातिर कबाड़ी जेल भेजे गए, लेकिन यहां कबाड़ का खेल बंद नहीं हुआ है।
बता दें कि मंगलवार रात लिसाड़ीगेट के इस्लामाबाद चौकी इंचार्ज वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बिजली बंबा की ओर जाती गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने पीछा कर गाड़ी को पकड़ लिया और उसमें सवार पांच लोगों को हिरासत में लिया। गाड़ी की तलाशी ली तो बड़ी मात्रा में वाहनों के पुर्जे मिले। बताया गया कि इन्हें दिल्ली में बेचना था। पकड़े गए आरोपी दिल्ली के रहने वाले ही बताए गए।