पुलिस का खर्च उठा रहा था पीड़ित
बताया गया है कि बेटी की तलाश में पुलिस को कहीं भी जाना पड़ता था तो उसका खर्च पीड़ित ही उठाते थे। मंगलवार को भी किराए की टैक्सी में दरोगा और सिपाही के साथ पीड़ित पहले तो बुलंदशहर और फिर मेरठ आए थे।
छत पर क्यों सोया था मृतक
पीड़ित की मौत के बाद सवाल उठ रहे हैं। बताया कि दरोगा अपने परिवार के साथ सोए हुए थे। सिपाही और ड्राइवर दूसरे कमरे में थे। पीड़ित को छत पर सोना बताया है। इसको लेकर अभी पल्लवपुरम पुलिस जांच कर रही कि छत पर पीड़ित के साथ कौन-कौन थे। दरोगा उनको अपने घर क्यों लाए थे। इसकी भी जांच चल रही है।