अमर उजाला ने पहले ही शहरवासियों को किया था जागरूक
दिवाली और बाकी त्योहारों की खुशियों में सेहत को न भूल न जाना। एहतियात बहुत जरूरी है। खाद्य पदार्थों में मिलावट के साथ-साथ प्रदूषण भी हमला कर रहा है। दिवाली पर अगर पटाखे चले तो प्रदूषण फैलेगा। इस तरह सेहत पर प्रहार होगा।
एफएसडीए की टीम मिलावट करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। यह त्योहारी सीजन में हर साल की कार्रवाई है, लेकिन यह नाकाफी है। मिलावटखोर बाज नहीं आते हैं। नतीजतन, सेहत को नुकसान पहुंचने में कोई कसर नहीं रह जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि मिलावटी मिठाई या खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। वहीं, पटाखे चलाने या अन्य कोई भी हानिकारक पदार्थ या केमिकल जलाने पर उससे निकलने वाली प्रदूषित गैस वायुमंडल में अधिक ऊंचाई पर नहीं जा पाती है। इसका सीधा असर श्वसन तंत्र पर पड़ता है। हार्ट, फेफड़े, अस्थमा सहित मरीजों के लिए विषैली गैसें अधिक हानिकारक होती है। इसके अलावा पटाखों से नाइट्रोजनडाई ऑक्साइड, कार्बनडाई ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, अमोनियम क्लोराइड, कार्बन मोना ऑक्साइड व हेवी मैटल की गैसेज निकलती है। जो बेहद नुकसानदेह है।
रंग बिरंगी मिठाइयों से रहें दूर
फिजिशियन डॉ. वीके बिन्द्रा का कहना है कि त्योहारों के मौके पर खोया और रंग बिरंगी मिठाइयों के सेवन से दूर रहना चाहिए। सिंथेटिक खोया, केमिकल रंग से बने मिठाइयों के सेवन से आंत्रशोध, अल्सर, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
हो सकती है गंभीर बीमारी
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के कारण आपकी सेहत बिगड़ सकती है। लगातार सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी घेर सकती है। यूरिया मिलाकर और प्रतिबंधित इंजेक्शन लगाकर निकाले गए दूध के सेवन हार्मोनल समस्या हो सकती है।
आंतों को पहुंचाते हैं नुकसान
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग अध्यक्ष डॉ. टीवीएस आर्य ने बताया कि मिलावटी घी और तेल आदि हमारी आंतों को नुकसान पहुंचाते हैं। केमिकल की मिलावट से लिवर को भी नुकसान होता है। ज्यादा समय तक उपयोग के कारण समय से पहले मधुमेह सहित अन्य रोग भी हो सकते हैं।
पटाखों से निकली गैस श्वास नली में पहुंच जाती है
दीपावली पर अगर ज्यादा पटाखे चलाए तो अस्थमा सहित अन्य मरीजों को और भी अधिक प्रभावित करेंगे। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वीरोतम तोमर ने बताया कि पटाखों से निकलने वाली विषैली गैसेज सामान्य व्यक्ति के लिए हानिकारक व मरीजों के लिए घातक है। पटाखे अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी और पोस्ट कोविड-19 मरीजों के लिए बहुत घातक है। श्वांस नलियों में इन हानिकारक गैसों के अंदर जाने से म्यूकोषा में सूजन आ जाती है। आंखों की बीमारियां हो जाती हैं। स्किन डिजीज भी हो जाती है।