2012 में हुआ था किराया निर्धारण
नगर निगम की दुकान, होटल आदि का किराया प्रत्येक दस साल में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी करके निर्धारित किया जाना चाहिए। 2012 में नगर निगम प्रशासन ने महानगर में निगम की दुकान व होटलों का किराया निर्धारित किया था। नियम के अनुसार अप्रैल 2022 से नई दरों के साथ दुकानों का किराया निर्धारित होना चाहिए था, जो अभी तक नहीं हुआ है। निगम को राजस्व हानि पहुंचाने का कार्य किराया विभाग से चल रहा है। उच्चाधिकारियों तक न तो बात पहुंचाई जाती है और पूरे मामले को दबाने का ही प्रयास जारी रहता है।
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दुकान का दोबारा आवंटन होने पर निगम को होगा दोगुना लाभ
निगम एक्ट के मुताबिक अगर मूल आवंटी सरकारी दुकान को छोड़ता है, या किसी अन्य कारण वश सरेंडर करता है तो नगर निगम प्रशासन नए सिरे से दुकान की नीलामी यानी लॉटरी करेगा, जिसके लिए नगर निगम नए किराएदार से जहां एक लाख रुपये प्रीमियम के रूप में जमा कराएगा और पूर्व किराएदार पर लागू किराया राशि की डबल राशि निर्धारित करेगा। सीधे सीधे नगर निगम को एक लाख रुपये के साथ-साथ डबल किराया मिलना शुरू हो जाएगा।
जांच कराई जाएगी
यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की जांच कराई जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- अमित पाल शर्मा, नगरायुक्त