कॉलेज को तीन महीने में मिला था विजयंत टैंक
भारतीय सेना के अफसरों की कॉलेज पहली पसंद का अंदाजा इससे ही लगता है कि जेएनयू को आज तक विजयंत टैंक नहीं मिला लेकिन, 2018 में मेरठ कॉलेज को प्रस्ताव के तीन महीने में ही विजयंत टैंक मिल गया। टैंक आज पूरे देश में कॉलेज की शान बढ़ा रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री और कई अधिकारी दिए
1892 में बने मेरठ कॉलेज के एल्युमिनाई की सूची में देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से लेकर तमाम अधिकारी और बिजनेसमैन शामिल हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, गोवा के राज्यपाल सतपाल मलिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल, आईआईटी दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर पदमश्री डॉ. आरएस सिरोही हों या फिर टीआईएफटी मुंबई के डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र सिंह। बिट्स गोआ के डायरेक्टर डॉ. टीसी गोयल, रिटायर्ड वाइस एयर मार्शल केके. जैन, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जेएस भटनागर, डीआरडीओ के डायरेक्टर रहे पीसी मांगलिक हों या इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर केपी सिंह, सभी ने यहीं से पढ़ाई की। देश की 200 से ज्यादा अदालतों में यहीं के छात्र जज हैं। न्यायमूर्ति एचएम बेग सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई रहे हैं। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पंकज मित्थल, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस विवेक चौधरी समेत तमाम राज्यों में यहां से पढ़े छात्र-छात्राएं जज हैं।