बाबा ने बताया कि यह सिद्ध क्षेत्र है। यहां शक्तियों का लगातार प्रवास व कृपा रहती है। ग्रामीण राजवीर सिंह, संजीव कुमार, चौधरी सोमपाल सिंह, मस्त राम सिंह, रामअवतार सिंह, शीशपाल सिंह, शीशराम राजेश मकनपुर आदि ने बताया कि 370 वर्ष पहले यह गांव का देव स्थान था। जहां विशेष अवसरों पर पूजा होती थी।
1995 में यहां बाबा प्रेमदास जी महाराज आए। उन्होंने कुटिया बनाई। उनके 2005 में शरीर त्यागने के बाद 2006 से नागा बाबा केसरीदास जी महाराज ने यहां पर आश्रम बनाया। मंदिर का निर्माण कराया। बाबा की समाधि के पास राम दरबार की मूर्तियां लगवाई गईं।
दो वर्ष पूर्व बाबा प्रेमदास जी की मूर्ति पीपल के पेड़ के नीचे बनवाकर लगवाई थी। अब उस पर शेड लगाने के लिए चार पिलर बनवाने के लिए खोदाई का काम चल रहा है। खोदाई के दौरान ही भूमि से भगवान विष्णु की मूर्ति निकली है।