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यूपी: चुनौतियों से जूझता रहा दमकल विभाग, डॉयल 100 के फेर में फंसा 101, गड़बड़ाया रिस्पांस टाइम,

Sat, 29 Dec 2018 12:40 PM IST
Dimple Sirohi अश्वनी जौहरी, अमर उजाला, मेरठ
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fire brigade - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की निवर्तमान सपा सरकार ने डायल -100 योजना जनता को राहत दिलाने के उद्देश्य से शुरू की थी। अपराध नियंत्रण की दृष्टि से यह कारगर भी रही। लेकिन इस नंबर के अत्यधिक प्रचलन में आने का खामियाजा फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट को भुगतना पड़ रहा है। वजह अब आग लगने की सूचना भी 100 नंबर पर पहुंच रही हैं।

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इसके चलते दमकल विभाग को रेस्पांस टाइम बरकरार रख पाने में दिक्कतें आ रही हैं। 26 मई को किनौनी शुगर मिल में भीषण अग्निकांड हुआ। तत्काल कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर आग बुझायी। इसके बावजूद घटना में दो लोगों की मौत हो गई। शासन ने फायर फाइटर्स को साहस के लिए सम्मानित भी किया। लेकिन इस घटनाक्रम की एक बात आज भी फायर फाइटर्स को सालती है। 

वह मानते हैं कि ‘रिस्पांस टाइम’ उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। जितनी देर से उन्हें सूचना मिलेगी, नुकसान का दायरा भी बढ़ेगा। इस घटना में भी ऐसा ही हुआ। अगर सूचना सीधे पहुंचती तो रिस्पांस टाइम बेहतर होता और आग जल्दी बुझ पाती। जिन लोगों की जान गई, उन्हें भी बचाया जा सकता था। 

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चुनौतियों से जूझता रहा है दमकल
पूरे साल जिले में करीब 724 आग लगने की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं पर दमकल कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई भी की। लेकिन ‘रिस्पांस टाइम’ को लेकर विभाग हर बार घिरता दिखाई दिया। दूसरी चुनौती संकरी गलियां हैं। ऐसे में हाईडेंट या फिर छोटी गाड़ियां ही आग पर काबू पाने का मुख्य साधन होते हैं। लेकिन शहर के 40 प्रतिशत हाईडेंट खराब हैं। ऐसे में आग पर काबू पाना विभाग के चुनौती बन जाता है। 

ऐसे बढ़ जाता है रेस्पांस टाइम
अगर कोई पीड़ित 100 नंबर डायल करता है तो कॉल लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम पहुंचती है। वहां पर पीड़ित से घटना के संबंध में पूरा विवरण लिया जाता है। विवरण दर्ज होने के बाद शिकायत दर्ज होती है। इस प्रक्रिया के बाद ही सूचना संबंधित जनपद को ट्रांसफर की जाती है। कभी-कभी पूरा विवरण दर्ज न कराने के कारण कॉल अधूरी भी रह जाती है। जबकि आग के मामलों में 101 नंबर पर सूचना देने पर सीधे जिले के दमकल कार्यालय में सूचना पहुंचती है। 
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साल भर में जिले में हुए अग्निकांड
 माह    संख्या
 जनवरी    33
 फरवरी    54
 मार्च    93
 अप्रैल    192 
 मई    117
 जून    57
 जुलाई    27
 अगस्त    28
 सितंबर    21
 अक्टूबर    44
 नवंबर    48
 दिसंबर    10 

आग लगे तो इन नंबरों पर करें फोन
 स्टेशन का नाम    फोन नंबर
 पुलिस लाइन    101, 9454418747, 0121-2643600
 परतापुर    9454418751, 0121-2440450
 घंटाघर    0121-1421017
 मवाना    9454418749, 0121-2271411

नुकसान कम होगा
आग लगने की सीधे सूचना न मिलने से घटनास्थल पर पहुंचने में देरी होती है। ऐसे में अगर सीधे सूचना मिले तो आग पर तेजी से काबू पाया जा सकेगा। इससे नुकसान का दायरा भी घटेगा। लोगों को आग लगने पर 101 का प्रयोग करना चाहिए।  - अजय शर्मा, चीफ फायर ऑफीसर
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