2017 में दिनेश खटीक ने मारी थी बाजी
हस्तिनापुर से भाजपा प्रत्याशी दिनेश खटीक ने 2017 में भी यह इतिहास बरकरार रखा था। देश आजाद होने के सात साल बाद हस्तिनापुर को विधानसभा का दर्जा मिला। इस सीट पर सबसे पहले 1957, 1962 और 1967 में कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत हासिल की थी और उस समय प्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार बनी थी। क्रमश: सम्पूर्णानंद, चंद्रभानू गुप्ता, चरण सिंह मुख्यमंत्री बनें। इसके बाद 1969 में चुनाव में इस सीट पर भारतीय क्रांति दल के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की और राज्य में भारतीय क्रांति दल की सरकार बनी और चौधरी चरण सिंह मुख्यमंत्री बनें। वहीं 1974 में कांग्रेस प्रत्याशी यहां से जीता तो कांग्रेस के एनडी तिवारी प्रदेश के सीएम बने। जबकि 1977 में जेपी आंदोलन का असर यहां भी दिखा और यहां से जनता दल का प्रत्याशी जीता और लखनऊ में जनता दल के रामनरेश यादव मुख्यमंत्री बनें। 1980, 1985 में फिर से यहां कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत हासिल की और सूबे में कांग्रेस की ही सरकार बनी। इसके बाद फिर यहां 1989 में जनता दल का विधायक जीता और लखनऊ में जनता दल की ओर से मुलायम सिंह मुख्यमंत्री बने। 1993 तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा रहा और उसके बाद से राज्य में क्षेत्रीय पार्टियों का बोलबाला रहा तो 1996 में हस्तिनापुर में हुए चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की और लखनऊ में अस्थिर सरकार बनी, इस दौरान मायावती, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री बने। 2002 में यहां से सपा प्रत्याशी जीता तो राज्य में सपा के समर्थन से मायावती सीएम बनी। फिर 2007 में बसपा प्रत्याशी योगेश वर्मा जीते तो सूबे में बीएसपी की सरकार बनी और 2012 में सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की तो राज्य में सपा की सरकार आई। वहीं 2017 में भाजपा प्रत्याशी जीते तो सूबे में भाजपा की सरकार बनी।
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ये चुने गए हैं अब तक विधायक
1957 विशंभर सिंह, कांग्रेस
1962 पीतम सिंह, कांग्रेस
1967 आरएल श्याक, कांग्रेस
1969 आशाराम इंदू, भारतीय क्रांति दल
1974 रेवतीशरण मौर्य, कांग्रेस
1977 रेवतीशरण मौर्य, जनता पार्टी
1980 झग्गड़ सिंह, कांग्रेस
1985 हरशरण सिंह, कांग्रेस
1996 अतुल कुमार, निर्दलीय
2007 योगेश वर्मा, बसपा
2012 प्रभुदयाल वाल्मीकि, सपा
2017 दिनेश खटीक, भाजपा