कर्मचारियों की भी गुटबाजी शुरू
कर्मचारियों की कंपनी ने आरोप लगाया कि युवती से दुष्कर्म की वारदात हुई है जबकि कॉलेज प्रशासन का दावा है कि वारदात नहीं हुई। उन्होंने जांच कर ली है। पुलिस ने बताया कि एक कर्मचारी की कंपनी है। इसके तहत सफाई और संविदा पर कर्मचारी मेडिकल में लगे हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज की ओर से कर्मचारी अलग से लगे है।
युवती का मेडिकल कराएंगे
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि युवती का मेडिकल कराएंगे। युवती मानसिक रूप से कमजोर है। आरोपी पुलिस की हिरासत में है। इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन दावा कर रहा है कि युवती से दुष्कर्म के प्रयास या छेड़छाड़ की वारदात नहीं हुई। आरोपी कर्मचारी वार्ड में ड्यूटी के बाद नशे में गया था, जोकि अपने कपड़े लेकर वापस लौट आया। पुलिस सभी बिंदु पर जांच कर रही है।
बोले मेडिकल प्राचार्य...
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि लावारिस वार्ड में 10 मरीज भर्ती हैं, जिनमें तीन महिलाएं और सात पुरुष हैं। एक सफाई कर्मचारी ड्यूटी खत्म होने के बाद नशे में वार्ड में चला गया था, हालांकि वह चंद मिनट बाद ही वापस लौट आया। उसने किसी के साथ न छेड़छाड़ की है और न ही कोई और गलत व्यवहार किया है। हालांकि, सफाई कर्मी के बारे में मेडिकल पुलिस को सूचना दी गई है।
मेडिकल में होती रहती हैं घटनाएं
मेडिकल कॉलेज में अक्सर कोई न कोई न कोई मामला रहता है, जिससे वह सुर्खियों में रहता है। इससे पहले पहचान के बावजूद एक व्यक्ति का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया था। पुराने वार्ड में शराब की बोतलें मिली थीं। इसके अलावा चोरी आदि के मामले भी सामने आते रहे हैं। एक बार मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट युवक-युवती वहां पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। बच्चा चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। दरअसल, मेडिकल की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे रहती है। घटनाएं हो जाएं, मगर कोई पुरसेहाल नहीं रहता है।