फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटे की चाहत में बेटियों की बलि: हैवान पिता को दो लाड़लियों की हत्या का जरा भी नहीं था पछतावा, बोला- पत्नी बच गई !

Tue, 17 Aug 2021 06:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

आरोपी अरुण ने पुलिस को बताया कि शादी को आठ साल हो गए थे। पत्नी को बेटा नहीं हुआ। वह उसे बेटा नहीं दे सकी। इससे वह परेशान था। वह बेटियों के साथ उसे भी मारना चाहता था।
विज्ञापन
आरोपी अरुण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार रात को दो बच्चियों की हत्या करने के आरोपी पिता अरुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पहले बच्चियों को सुलाया। उसके बाद मुंह पर तकिया रखकर गला दबाकर उनकी जान ले ली। बेटे की चाहत में अरुण हैवान बन चुका था।
विज्ञापन


कंकरखेड़ा क्षेत्र के अनूपनगर फाजलपुर अंबेडकर  निवासी अरुण कुमार का पत्नी नीशू से कई महीने से विवाद चल रहा है। इसके चलते वह पति को छोड़कर मायके गांव जानी में चली गई। युवक ने पत्नी को लाने का प्रयास भी किया, लेकिन पत्नी ने मना कर दिया। 

13 अगस्त को अरुण जानी गया तथा वहां से झगड़ कर अपनी 6 वर्षीय बेटी सृष्टि और 4 वर्षीय बेटी नैना को लेकर घर आ गया। आरोपी ने बताया कि शुक्रवार देर शाम वह ठेके पर शराब पीकर आया और घर पर भी शराब लेकर आ गया। रात करीब 11 बजे अरुण ने अपनी दोनों पुत्रियों को गला दबाकर मार डाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चियों को पालने की बात कहकर ले गया था 
अरुण ने पुलिस को बताया कि शादी को आठ साल हो गए थे। पत्नी को बेटा नहीं हुआ। पत्नी उसे बेटा नहीं दे सकी। इससे वह परेशान था। आठ दिन पहले वह उससे झगड़ा कर मायके चली गई। 

13 अगस्त की दोपहर को अरुण ससुराल पहुंचा और पत्नी से कहा कि वह साथ चले या न चले, लेकिन बेटियों को साथ लेकर जाएगा। दोनों को खुद पालेगा। पत्नी का कहना है कि वह पति के बहकावे में आ गई। यदि दोनों बच्चियों को न देती तो उनकी जान नहीं जाती। 

पत्नी साथ आ जाती तो उसकी भी हत्या कर देता
आरोपी अरुण ने यह भी कहा कि यदि पत्नी ससुराल में आ जाती तो 13 अगस्त की रात उसकी भी हत्या कर देता, वह बच गई। इंस्पेक्टर कंकरखेडा तपेश्वर सागर ने बताया कि दोनों बेटियों की हत्या करने के बाद आरोपी अरुण पहले कई घंटे तक शव के पास ही रहा। उसके बाद रात में पैदल नानू नहर के पुल पर पहुंचा और नहर में छलांग लगा दी, लेकिन गोताखोरों ने अरुण को बचा लिया।

इसे तो भगवान भी माफ नहीं करेगा
अरुण को पकड़ने के बाद पुलिस ने नीशू को भी थाने पर बुलाया। वह बदहवास हालत में पहुंची। वह फूटकर रोने लगी। बोली- साहब इसे ऐसी सजा देना जो याद रखे। इसने मेरी जिंदगी खराब कर दी है। मैने इसे बहुत समझाया, लेकिन नहीं माना। साहब, इसे जेल भेज दो, इसको भगवान कभी माफ नहीं करेगा। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें