उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामोद्योगिक कृषि यंत्र एवं अनाज, दाल प्रशोधन आपूर्ति तथा विपणन संघ के फर्जी निदेशक अम्मार अहमद के खिलाफ सहायक विकास अधिकारी ने देहात कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद से आरोपी फरार हो गया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
बलियाखेड़ी ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी अशोक तोमर ने दर्ज कराए मामले में बताया कि गांव शेखपुरा कदीम निवासी अम्मार अहमद ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामोद्योगिक कृषि यंत्र एवं अनाज, दाल प्रशोधन आपूर्ति तथा विपणन संघ का निदेशक नियुक्त किया है। सहारनपुर पहुंचने पर अम्मार अहमद के समर्थकों ने उसका स्वागत किया था। इस संबंध में विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन सहकारिता अनुभाग से जानकारी करने पर पता चला कि अम्मार अहमद नाम के किसी व्यक्ति को निदेशक के पद पर नियुक्त नहीं किया गया है। अम्मार अहमद द्वारा जो नियुक्ति का आदेश दिखाया जा रहा है, वह फर्जी है। उस पर विभाग कोड और डिस्पैच नंबर फर्जी हैं। एक मई से प्रमुख सचिव सहकारिता अवकाश पर हैं। उनके द्वारा कोई आदेश जारी किया जाना संभव नहीं है। सहायक विकास अधिकारी ने एसएसपी को तहरीर देकर मामले की शिकायत की थी। देहात कोतवाली इंस्पेक्टर पवन कुमार चौधरी ने बताया कि अम्मार अहमद के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 170 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।