कांशीराम कॉलोनी में फायरिंग के मामले में महिला समेत दो गिरफ्तार
मेरठ-खरखौदा। बिजली बंबा बाईपास स्थित कांशीराम कॉलोनी में गुंडागर्दी करने के मामले में महिला सहित दो लोगों को सोमवार पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया, जहां से उन्हें जेल भेजा। वीडियो में दोनों पक्ष के लोग तमंचे और पिस्टल से गोलियां चल रही है। पुलिस ने गोलियां चलाने वालों की पहचान करानी शुरू कर दी है।
काशीराम कॉलोनी में रामनिवास गुप्ता और रिहान पक्ष में पैसे के लेनदेन को लेकर पहले विवाद हुआ था। दोनों में गाली-गलौज के बाद पथराव और खुलेआम फायरिंग की। जिसमें रामनिवास गुप्ता के बेटा निक्की गोली लगने से घायल हो गया था। इस मामले में रामनिवास गुप्ता की ओर से रिहान उसकी पत्नी मुस्कान रहमान फुरकान राशिदा, चार अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस ने राशिदा व फुरकान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने फुरकान की निशानदेही पर इस घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर आया है। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है।
आरोपी रिहान पर पहले भी दर्ज हैं कई संगीन मामले
पुलिस के अनुसार रिहान पर जानलेवा हमला सहित छेड़छाड़ और अन्य गंभीर धाराओं में छह मामले खरखौदा थाना पर दर्ज हैं। वहीं, कई मामलों में उसकी पत्नी मुस्कान भी इनमें शामिल रही है। उधर दूसरा पक्ष के निक्की व उसके पिता का भी आपराधिक इतिहास रहा है। जिसमें निक्की पर एनडीपीएस वह सट्टे की खाई बाड़ी सहित 8 मुकदमें व रामनिवास गुप्ता पर एनडीपीएस सहित खाई बाड़ी के पांच मुकदमे दर्ज हैं। चर्चा है की कांशीराम कॉलोनी में नशीले पदार्थों की सप्लाई सहित सभी अवैध धंधे पुलिस की सरपरस्ती में खुलेआम होते हैं। ये दोनों पक्ष भी इन सभी अवैध धंधों में लिप्त हैं। आशंका जताई जा रही है कि वर्चस्व को लेकर ही रविवार को यह मामला हुआ।
पुलिस की लापरवाही से हो सकती गैंगवार
कांशीराम कॉलोनी में सट्टा , अवैध हथियारों की सप्लाई और सेक्स रैकेट जैसे कई अवैध धंधे चल रहे है। इसकी जानकारी पुलिस को भी है। चर्चा यह है कि पुलिस को यहां से पैसा जाता है। पुलिस मुकदमे दर्ज करते और फिर खामोश बैठ जाती है। रविवार को गुंडागर्दी करने वाले लोगों के खिलाफ खरखौदा थाने में कई मुकदमे दर्ज है, इसके बावजूद भी पुलिस ने मजबूत कार्रवाई नहीं की। अब तो कांशीराम कॉलोनी में कई अलग-अलग ग्रुप बने है। जिसको लेकर अक्सर वहां पर विवाद होते है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही से काशीराम कॉलोनी में गैंगवार हो सकती है।
मकान किसी और के नाम, रह रहा है कोई और
काशीराम कॉलोनी में बसपा कार्यकाल में सन 2010 व 11 में शहर में गरीबी रेखा से जीवन यापन कर रहे लोगों के लिए मकान अलॉट किए गए थे। लेकिन इस समय इस कॉलोनी के 70 फीसदी स्वामी ऐसे हैं, जिनमें उन्होंने या तो किराएदार छोड़े हैं या उन्होंने अपने मकान को बेच दिया है। आरोप है कि रिहान व उसकी पत्नी मुस्कान ने काशीराम कॉलोनी व पड़ोस की ही कॉलोनी लोहिया नगर में अवैध रूप से जबरन कई मकानों पर कब्जा किया है। मुस्कान इस समय सात मकानों की स्वामी है।