बिजनौर। अभी तक धारा मोटर फाइनेंस पर लगे आरोपों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। बीस दिन बाद भी जांच अधर में अटकी है। दरअसल फाइनेंस कंपनी ने अभी तक रिकाॅर्ड ही उपलब्ध नहीं कराया है।
मोटर वाहन खरीदने के लिए कर्ज देने वाली धारा फाइनेंस कंपनी किसानों की जमीन गिरवी रखकर कर्ज बांटने का काम भी करती है। बाकायदा जमीनों का बैनामा कराकर कर्ज दिया जाता है। बैनामा में आने वाला खर्च भी किसान से वसूला जाता है। यूं तो इस तरह से कर्ज बांटना गैरकाूननी है। फिर भी नियमों से खिलवाड़ करते हुए धड़ल्ले से कर्ज बांटा जा रहा है। आरोप है कि उक्त कंपनी ने एक किसान को नौ लाख का कर्ज देकर तीस लाख की वसूली कर ली और किसान की जमीन का बैनामा किसी को और कर दिया।
किसान ने मामले की शिकायत एसपी से 13 जून को की थी, जिसकी जांच तभी से अटकी है। मामले में अपर पुलिस अधीक्षक की ओर से कंपनी को नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी कंपनी के जिम्मेदार लोग रिकार्ड मुहैया नहीं करा रहे हैं।
तो मिलेगा जमीन के विवादों को बढ़ावा : उक्त फाइनेंस कंपनी के जिम्मेदारों के पास सिर्फ बैनामा होता है, जबकि जमीन पर काबिज कर्जदार किसान ही रहता है।
ऐसे में जब बैनामा लौटाने के बजाए जमीन किसी और को बेच दी जाती है, इसके बाद शुरू होती है कब्जा लेने की रार। जिसमें जान माल की हानि होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।