भारतीय किसान यूनियन के हजारों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को घंटों तक कमिश्नरी कार्यालय को घेरे रखा। कार्यालय के बाहर ही सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक आठ घंटे भाकियू की पंचायत चली। इस दौरान नलकूपों पर बिजली मीटर लगाए जाने का विरोध किया गया। गन्ना भुगतान में देरी का मुद्दा उठाया गया। किसानों की 90 से अधिक मांगों को पंचायत में उठाया गया।
पंचायत से पूर्व किसान सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर पर सवार होकर तिरंगा मार्च निकालते हुए कश्मिनरी कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने ट्रैक्टरों को रोकने का भी प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता रोके नहीं रुके और कमिश्नरी के चारों ओर ट्रैक्टर खड़े कर पंचायत में शामिल हुए। कमिश्नरी कार्यालय के सभी द्वारों पर कर्मचारियों ने ताला डाल दिया, जिससे किसान अंदर न घुस पाएं।
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कमिश्नरी का घेराव करते किसान।
- फोटो : Amar ujala
पुलिस ने ट्रैक्टरों को रोकने का किया प्रयास
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर ट्रैक्टर तिरंगा मार्च निकाला। मेरठ में भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में किसान कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान आरएएफ व पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने ट्रैक्टरों को रोकने का भी प्रयास किया।
किसानों ने आरोप लगाया कि स्टेडियम चौराहे पर एक सिपाही ने एक किसान को रोककर अभद्र व्यवहार किया और ट्रैक्टर रोक लिए। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर कमिश्नरी के बाहर, मेरठ कालेज के बाहर, कुटिया चौराहा, स्टेडियम चौराहा, डॉ. आंबेडकर चौराहा तक खड़े रहे। गंगानगर, मवाना रोड से अधिक संख्या में ट्रैक्टर पहुंचे।
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इस दौरान तैनात रही फोर्स।
- फोटो : Amar ujala
जिंदाबाद के नारे गूंजे
इसके बाद दोपहर एक बजे मदनपाल यादव की अध्यक्षता में किसानों की पंचायत मेरठ कालेज के सामने शुरू हुई। पंचायत स्थल बाबा महेंद्र सिंह टिकैत, चौधरी नरेश टिकैत, राकेश टिकैत जिंदाबाद के नारों से गूंजता रहा। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक अधिकारी उनकी सभी 90 मांगों को लखनऊ तक नहीं पहुंचाएंगे, तब तक पंचायत चलती रहेगी। किसान दस दिन का राशन पानी लेकर अपने साथ यहां पहुंचे हैं। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बैंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति और उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी समर्थन दिया। बार एसोसिएशन की ओर से संयोजक अमित दीक्षित मौजूद रहे।
डीजे लेकर पहुंचे, चला रागिनी का दौर
कभी बारिश तो कभी निकलती तेज धूप में भी किसान डटे रहे। पंचायत के दौरान एडीएम सिटी ब्रिजेश सिंह किसानों से वार्ता का प्रयास करते रहे, लेकिन किसान नहीं माने। देर शाम 8 बजे किसानों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता अधिकारियों के साथ हुई। पंचायत में पहुंचने वाले अधिकांश ट्रैक्टरों पर डीजे लगे हुए थे। पंचायत से पूर्व भी रागिनी हुई। ट्रैक्टर ट्रॉली में मूढ़े, हुक्का आदि लगाकर किसान पहुंचे।
किसानों को खाना खिलाते सिख समाज के लोग।
- फोटो : Amar ujala
किसानों की मुख्य मांगें
- बकाया गन्ना मूल्य भुगतान जल्द कराया जाए
- ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली और जर्जर तार बदले जाएं
- नलकूप बिजली से रात्रि में प्रकाश के लिए बिजली की व्यवस्था की जाए
- टोल शुल्क छूट की निर्धारित सीमा तय की जाए
ये रहे मौजूद
अनुराग चौधरी, एनसीआर महासचिव नरेश मवाना, सतबीर जंगेठी, हर्ष चहल, सुशील कुमार पटेल, अनूप यादव युवा जिलाध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र तालियान, सुनील, पुष्पेंद्र, अनुज, विश्वास प्रमुख, मनोज, वीर सिंह ,बबलू, प्रदीप, सौरभ, अंकित डांगी, मदनपाल यादव, महेंद्र, मनोज खत्री, सुनील, डॉक्टर टीटू, पुष्पेंद्र, प्रिंस, मुनीश त्यागी, सनोज कुमार, सूबे सिंह, अमित कुंडू, इंद्रपाल, बीरसिंह, मालिक, बादल, निखिल यादव, धर्मेंद्र, ज्ञानेंद्र मलिक, रामबोस दबथुआ, सचिन नया गांव, प्रतीक मढी, सनी प्रधान, मोनू टीकरी, सोनू डढरा, विनोद सुरानी, सानू खिर्वा, आदि शामिल रहे।