देहली गेट के नील गली बांके बिहारी मार्केट में अक्षत जैन की पाश्वी ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। शनिवार को उन्होंने देहली गेट थाने में तहरीर दी थी कि न्यू सरदार मार्केट में पॉलिश करने वाला कारीगर नाजीरुद्दीन उर्फ नाजिर पुत्र कौसर अली उनके 530 ग्राम सोने के जेवरात लेकर भाग गया है। वे जेवरात उन्होंने पॉलिश कराने के लिए दिए थे।
अक्षत जैन के बाद तीन और सराफ सैयद मंडल, मोहम्मद शरीफ और शेख जावेद अली ने लाखों रुपये के जेवरात लेकर भागने की तहरीर दी थी। देहली गेट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कारीगर की तलाश शुरू कर दी थी।
वहीं, शनिवार को कारीगर के मोबाइल फोन पर थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह की नाजीरुद्दीन से बात हो गई। उसने बताया कि उसकी मां की हालत अचानक बिगड़ गई, जिसकी वजह से वह अपने जनपद हुगली पश्चिम बंगाल आया है, तीन दिन में वह मेरठ आ जाएगा। उसने बताया कि सिर्फ अक्षत जैन के जेवरात उसके पास हैं जोकि दुकान में ही रखे हैं। बाकी तीनों लोगों के किराए आदि के पैसे हैं, कोई जेवरात नहीं है। वो आकर उनके पैसे भी दे देगा।
इसके बाद पुलिस ने सराफ एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मकान मालिक से चाभी लेकर दुकान खाेली तो अक्षत जैन के जेवरात रखे हुए मिल गए। थाना प्रभारी का कहना है कि अक्षत जैन के जेवरात थे, वे बरामद हो गए हैं, बाकी तीन लोगों ने गलत रिपोर्ट दर्ज कराई है। लूट के मुकदमे में एफआर लगाई जाएगी। कानूनी प्रक्रिया पूरी कराए जाने के बाद जेवरात अक्षत जैन को सौंप दिए जाएंगे। नाजीरुद्दीन मूल रूप से पश्चिम बंगाल के ग्राम बटानल ईशानपुरा थाना आरमबाग जिला हुगली का रहने वाला है। वह मेरठ बंगाली स्वर्णकार एसोसिएशन का संगठन प्रचार सचिव है।
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