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संशोधित हरियाणा की डिस्टलरी के मालिक भी शराब तस्करी में शामिल

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झज्जर डिस्टलरी के मालिक भी शराब तस्करी
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में शामिल, एसटीएफ को सौंपी प्रकरण की जांच
बागपत। हरियाणा के जिला झज्जर के बहादुरगढ़ में स्थित डिस्टलरी बिना कागजों के शराब निकालकर शराब तस्कर को सौंपी जा रही थी और इसमें डिस्टलरी के तीन मालिक भी शामिल थे। चुनाव के दौरान शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी कविंद्र को पुलिस रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने विवेचना में डिस्टलरी मालिकों सहित चार और आरोपी बनाया है और कोर्ट से इनके गैर जमानती वारंट भी जारी कराए हैं। बागपत पुलिस ने गिरफ्तारी में सहयोग के लिए एसपी झज्झर को एक पत्र भेजा है।
अब इस मामले की जांच एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को सौंप दी गई है। सीओ बागपत अनुज मिश्रा ने बताया कि रिमांड पर लिए एक आरोपी कविंद्र ने पुलिस को बताया कि वह बहादुरगढ़ की डिस्टलरी से शराब मंगवाता था और इसके बाद उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सप्लाई करता था। डिस्टलरी मालिक दलबीर मान, अशोक मान, सिकंदर मान पुत्रगण श्रीचंद निवासी लौहाकलां व वर्तमान पता एडीएस टावर धर्मपुरा जिला झज्जर और एक अन्य व्यक्ति योगेंद्र उर्फ योगी निवासी आसौदा जिला झज्जर से उसका संपर्क है। इनकी मदद से उसके पास शराब पहुंचती थी। सीओ ने बताया कि इनके नाम सामने आते ही एसपी झज्जर को इनकी गिरफ्तारी में सहयोग के लिए पत्र भेजा गया है। एसटीएफ के इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार ने कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कराए हैं।
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यह है मामला
एसटीएफ मेरठ व सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने पिलाना भट्ठे के पास से 29 जनवरी की रात को एक ट्रक व गाड़ी से शराब की 820 पेटी बरामद की थी। यह शराब हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव सिसाना में बने गोदाम से तस्करी कर लाई गई थी। शराब की बोतलों पर ओएसडी कैंटीन का नकली रेपर भी लगा था। शराब के साथ पुलिस ने पांच तस्करों को गिरफ्तार किया था और इनके सहित 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी कविंद्र उर्फ बंटा को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसके बाद कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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बागपत पुलिस की जगह एसटीएफ मेरठ करेगी जांच
हरियाणा से तस्करी करके लाई गई शराब को एसटीएफ मेरठ व सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने मिलकर पकड़ा था। इस मामले की जांच सिंघावली अहीर थाना पुलिस करती रही। अब इस जांच को एसटीएफ मेरठ को सौंप दिया गया। डिस्टलरी के मालिकों के पकड़े जाने पर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि डिस्टलरी से शराब बिना कागजों के कहां-कहां सप्लाई की जा रही थी, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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