मेरठ। एंटी करप्शन टीम ने घूसखोरी के आरोपी दरोगा बरेली के लाभेड़ा दुर्गाप्रसाद मीरगंज निवासी छत्रपाल सिंह को रविवार भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। शनिवार को ही टीम ने यहां पल्लवपुरम थाने में तैनात छत्रपाल को दस हजार रुपये की रिश्वत के साथ दबोचा था। इसी मामले में लापरवाही बरतने पर पल्लवपुरम थाना प्रभारी महेश कुमार को भी लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, एसएसपी अविनाश पांडे ने दरोगा की विभागीय जांच भी शुरू करा दी है।
मेडिकल थाना क्षेत्र के कालियागढ़ी निवासी मनीष ने एंटी करप्शन टीम को तीन दिन पहले शिकायत की थी। इसमें बताया था कि उसकी पत्नी सीमा, देहरादून निवासी दाऊद व हरियाणा निवासी साहिल के खिलाफ पल्लवपुरम थाने में 2025 में एनडीपीएस की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की जांच दरोगा छत्रपाल सिंह कर रहे थे। मनीष के अनुसार दरोगा काफी समय से मकान की कुर्की के नोटिस चस्पा करने के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। रुपये नहीं देने पर कार्रवाई की धमकी देता था। मनीष ने एंटी करप्शन टीम को शिकायत की थी। इसके बाद एंटी करप्शन ने जाल बिछा दिया था। शनिवार को दरोगा ने मनीष को पैसे देने के लिए थाने में बने अपने कमरे में बुलाया था। रिश्वत के पैसे लेते ही एंटी करप्शन ने दरोगा को पकड़ लिया था। निरीक्षक योगेंद्र धामा की तहरीर पर पुलिस आरोपी दरोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी। सीओ इरफान नासिर खान का कहना है कि दरोगा को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।