मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और जिला अर्थ एवं सांख्यिकी कार्यालय मेरठ के बीच रविवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता उत्तर प्रदेश शासन के जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान को गति देगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश से अत्यंत गरीब वर्ग का उन्मूलन करना है।
यह समझौता कुलपति संगीता शुक्ला और जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी मोहम्मद परवेज की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कुलसचिव अनिल यादव, अनुसंधान एवं विकास निदेशक वीरपाल सिंह, उपनिदेशक अनुसंधान जितेंद्र सिंह, श्वेतांक सिंह और अतिरिक्त सांख्यिकी अधिकारी सीमा यादव भी उपस्थित रहे। वीरपाल सिंह ने कहा कि यह समझौता शिक्षा और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु का कार्य करेगा। यह पहल संस्थागत सहयोग को मजबूत करेगी। विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से एक ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा। यह मॉडल न केवल मेरठ जनपद बल्कि पूरे प्रदेश में लागू हो सकेगा। यह मॉडल शैक्षणिक संसाधनों, शोध क्षमता और प्रशासनिक अनुभव का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी और संकाय सदस्य ग्राम पंचायत स्तर पर जाएंगे। वे आंकड़ा आधारित अध्ययन, सर्वेक्षण और विश्लेषणात्मक कार्य करेंगे। इससे ऐसे परिवारों की पहचान और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन होगा। ज्ञान आधारित हस्तक्षेप से समस्याओं की पहचान होगी और उनके स्थायी समाधान के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए जाएंगे। विद्यार्थी सामाजिक उत्तरदायित्व समझेंगे और प्रशासनिक योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान देंगे।